DUSU चुनाव से पहले नॉर्थ कैंपस में हिंसक झड़प, 2 छात्र घायल, कई वाहनों में तोड़फोड़
घटना से पहले के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कुछ अज्ञात लोग हाथों में लाठियां लेकर जाते दिख रहे हैं। हालांकि, वे किस संगठन के थे, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में है। चुनाव से पहले नॉर्थ कैंपस से हिंसा की खबरें सामने आ रही है। 16 सितंबर की शाम करीब 5 बजे लॉ सेंटर और कैंपस लॉ सेंटर के बाहर दो प्रमुख छात्र संगठनों, एबीवीपी और एनएसयूआई, के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और झड़प हुई। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है।
ABVP और NSUI ने एक-दूसरे से जुड़े लोगों पर अलग-अलग जगहों पर हमला करने के आरोप लगाए हैं। इन हमलों में दो छात्रों को चोटें आई हैं। कैंपस में खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। घटना से पहले के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कुछ अज्ञात लोग हाथों में लाठियां लेकर जाते दिख रहे हैं। हालांकि, वे किस संगठन के थे, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
कांग्रेस की छात्र संगठन NSUI ने आरोप लगाया कि मोतीलाल नेहरू कॉलेज के बाहर उसके आदिवासी छात्र सदस्य पर ABVP से जुड़े लोगों ने हमला किया। संगठन ने घटना की जांच और कार्रवाई की मांग की। NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि हनुमान पांडे ने ABVP पर डराने और अलग-थलग करने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
पुलिस के मुताबिक स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और कैंपस में पुलिस तैनात है। फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है। DUSU चुनाव के लिए 16 सितंबर को प्रचार खत्म हो चुका है। मतदान 18 सितंबर और मतगणना 19 सितंबर को होगी। इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 सितंबर को DUSU चुनाव प्रचार के दौरान लिंगदोह समिति की सिफारिशों, एंटी-डिफेसमेंट गाइडलाइन और कोर्ट के निर्देशों के उल्लंघन से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने पर सहमति जताई है।
वकील प्रशांत मनचंदा की याचिका में उम्मीदवारों के साथ तय संख्या से ज्यादा लोगों के प्रचार करने, बाहरी लोगों की मौजूदगी, वाहनों के काफिले, रैलियों, रोड शो, ट्रैफिक बाधित करने और प्रिंटेड पोस्टर-पर्चों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं। सार्वजनिक जगहों पर तोड़फोड़ और पैसे-बाहुबल से जुड़े नियमों के उल्लंघन का भी जिक्र है। याचिका में नियम तोड़ने वाले उम्मीदवारों पर कार्रवाई, जरूरत पड़ने पर अयोग्य ठहराने और अधिकारियों की कथित लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की गई है।




