ABVP कार्यालय पहुंचा NSUI का प्रतिनिधिमंडल, राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होने का दिया न्योता

19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम में छात्र-युवाओं के मुद्दों पर होगी चर्चा, NSUI ने ABVP को कार्यक्रम में शामिल होने का दिया आमंत्रण

Updated: Sep 16, 2026, 04:16 PM IST

भोपाल। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यालय पहुंचकर नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी के आगामी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम 19 सितंबर 2026 को इंदौर में आयोजित किया जाना है, जिसमें मध्य प्रदेश के छात्र-छात्राओं और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर राहुल गांधी संवाद करेंगे।

NSUI प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को भोपाल स्थित ABVP कार्यालय पहुंचकर ABVP पदाधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि छात्र और युवा वर्ग से जुड़े विषय किसी एक संगठन या विचारधारा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और उनके अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे में छात्र संगठनों के बीच संवाद और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा लोकतांत्रिक छात्र राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

रवि परमार ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं की आवाज को प्रमुखता से सामने लाना तथा शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति, विश्वविद्यालयों में सुविधाओं, छात्र अधिकारों एवं युवाओं से जुड़े अन्य विषयों पर संवाद को आगे बढ़ाना है। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर कहा कि हमने ABVP पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने संगठन के छात्र प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रम में शामिल होकर छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखें।

अक्षय तोमर ने कहा कि छात्र हितों से जुड़े विषयों पर अलग-अलग छात्र संगठनों के विचार सामने आना आवश्यक है, जिससे विद्यार्थियों के वास्तविक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हो सके। बता दें कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने 12 हजार वर्गमीटर जमीन देने की इजाजत दी है। यह अनुमति पांच शर्तों के साथ दी गई है। 

दरअसल, राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए IDA ने केवल खाली जमीन उपलब्ध कराई है। कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी। इसके लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम खुद करने होंगे। कार्यक्रम के आयोजन से पहले संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति लेना भी अनिवार्य होगा। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल के लिए जरूरी दूसरी अनुमतियां भी लेनी होंगी। साउंड सिस्टम के इस्तेमाल की अनुमति भी जरूरी होगी। IDA ने यह भी साफ किया है कि तय तारीख से पहले या बाद में जमीन का इस्तेमाल किया गया तो उस दिन का लीज रेंट भी देना होगा।