इंदौर की एक गलती एमपी पर पड़ गई भारी

मध्यप्रदेश के अखबारों में छपी तमाम ख़बरों का जायज़ा हम समवेत की ख़ास पेशकश समाचार सारांश में

Updated: Jan 04, 2022, 08:28 AM IST

अब अलग अलग अखबार पढ़ने से मुक्ति। हम समवेत के 'समाचार सारांश' में सुनिए एमपी के अखबारों में छपी खबरें एक साथ। यहां आपको मिलेगी वो खबरें जो आपके लिए जानना महत्वपूर्ण हैं।

इंदौर, भोपाल में दिखा नया ट्रेंड

एमपी में कोरोना के मामले एक दिन में 200 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। यहां कोरोना का ट्रेंड देश से अलग है। इंदौर और भोपाल में बीते 48 घंटे में 286 में से 66 केस 16 परिवारों से आए हैं। इंदौर में नौ परिवारों के 39 लोग शामिल हैं। जबकि भोपाल के 7 परिवारों से 27 संक्रमित हैं।

क्या मध्यप्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर आने का दोषी इंदौर है?

पहली लहर की तरह इस बार भी विदेश से आए लोगों को समय रहते ट्रेस नहीं किया गया। उनकी कांटेक्ट हिस्ट्री पता नहीं की गई। एक महीने के अंदर विदेश से तीन हजार लोग आए हैं। इनमें से सिर्फ एक हजार लोगों की जांच की गई। दो हजार आकर चले भी गए। इंदौर में ओमिक्रॉन वैरिएंट के 9 मरीज मिले हैं। सैकड़ों सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच और रिपोर्ट पेंडिंग है। 

सीएम ने बीच बैठक में लगवाया कलेक्टर को फोन 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को सरकारी कामकाज की समीक्षा बैठक के दौरान एक्शन सूड में दिखे। सीएम ने विदिशा जिले की सिरोंज तहसील में कोरोना के दौरान छह हजार विवाह करवाए जाने में कन्या विवाह योजना से 30 करोड़ रुपए खर्च पर भी सवाल किया।उन्होंने बैठक के बीच में विदिशा कलेक्टर उमाशंकर भार्गव को फोन लगवाया और पूछा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई?