बिलासपुर में बर्ड फ्लू के खिलाफ बड़ा एक्शन, नष्ट किए गए 25 हजार पक्षी, 8 पोल्ट्री फार्म भी सील

बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए 25 हजार से अधिक पक्षियों को दफना दिया है। प्रभावित इलाकों की दुकानें सील कर दी गई हैं।

Updated: Mar 26, 2026, 01:35 PM IST

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। संक्रमण को पूरी तरह खत्म करने के उद्देश्य से रैपिड रिस्पांस टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में 25 हजार से अधिक पक्षियों को मारकर वैज्ञानिक तरीके से दफना दिया है। प्रशासन ने कोनी से महामाया चौक तक संचालित आठ पोल्ट्री फार्म और चिकन दुकानों को तत्काल प्रभाव से सील करते हुए पूरे इलाके को नो गो जोन घोषित कर दिया है। एहतियातन कानन पेंडारी चिड़ियाघर को भी सात दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।

संक्रमण की पुष्टि कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में होने के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार देर रात ऑपरेशन कलिंग शुरू किया गया था। जिसके तहत न केवल सरकारी फार्म बल्कि वेटरनरी कॉलेज परिसर को भी सुरक्षा घेरे में लेकर व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। यहां लगभग दो हजार मुर्गियों को मारकर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित किया गया। प्रशासनिक टीमों में तहसीलदार और पटवारियों को भी फील्ड में तैनात किया गया है।

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कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पक्षियों और संबंधित सामग्री को नष्ट किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, करीब 22 हजार चूजे, दो हजार बटेर, 1500 बत्तख और 2100 के आसपास मुर्गियों को खत्म किया गया है। इसके साथ ही 25896 अंडों और लगभग 1500 क्विंटल मुर्गी दाने को भी नष्ट कर दिया गया था ताकि संक्रमण के फैलाव की कोई संभावना न रहे।

वायरस के खतरे को देखते हुए कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में कार्यरत 25 कर्मचारियों को क्वारंटाइन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रभावित क्षेत्र के 10 किलोमीटर दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित किया है।

इस बीच एसएसपी रजनेश सिंह ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई दुकानदार चोरी छिपे चिकन या अंडों की बिक्री करते पाया गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर बर्ड फ्लू को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल की निगरानी बढ़ा दी गई है।

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प्रशासन ने कोनी से बिरकोना तक एक किलोमीटर के दायरे में आने वाली आठ दुकानों को सील कर दिया है। साथ ही इन क्षेत्रों में तीन महीने तक किसी भी प्रकार की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि संक्रमण की चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके।

पशु चिकित्सा विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. जीएसएस तंवर ने बताया कि लगभग 25 हजार पक्षियों को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया है और सभी जरूरी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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