भीषण गर्मी में प्यासा बैतूल, कुएं में उतरकर पानी भरने को मजबूर ग्रामीण, जल जीवन मिशन पर उठे सवाल

बैतूल जिले के अंधेरबावड़ी गांव में भीषण गर्मी के कारण जल संकट गहरा गया है। 42 डिग्री तापमान में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर सूखे कुएं के अंदर उतरकर पानी भरने को मजबूर हैं।

Updated: May 09, 2026, 05:24 PM IST

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही विकासखंड स्थित अंधेरबावड़ी गांव में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि ग्रामीणों को पीने का पानी जुटाने के लिए कुएं के अंदर उतरना पड़ रहा है। करीब 42 डिग्री तापमान के बीच गांव के लोग घंटों मशक्कत कर पानी भर रहे हैं। तीन सौ घरों की आबादी फिलहाल पंचायत के एकमात्र कुएं पर निर्भर है। गांव में तीन हैंडपंप मौजूद हैं लेकिन वह बंद पड़े हैं।

जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित अंधेरबावड़ी गांव में गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट और गंभीर हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, कुएं में रातभर में सीमित मात्रा में पानी इकट्ठा होता है और सुबह होते ही महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पानी भरने के लिए लंबी कतारों में लग जाते हैं। कई परिवारों को जरूरत भर पानी पाने के लिए कुएं के भीतर उतरकर बाल्टियों से पानी निकालना पड़ रहा है।

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ग्रामीणों का कहना है कि पानी की कमी के कारण रोजाना विवाद और झगड़े जैसी स्थिति बन रही है। गांव के अधिकांश लोगों का समय अब पानी जुटाने में ही बीत रहा है। मजदूरी और अन्य कामकाज छोड़कर लोग दिन रात पेयजल की व्यवस्था में लगे हुए हैं।

भैंसदेही और भीमपुर विकासखंड के कई गांवों में इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के बावजूद इलाके में पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी। गांव के कई बोरवेल सूख चुके हैं और योजना के तहत तैयार की गई व्यवस्थाएं भी असरदार साबित नहीं हो रही हैं।

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गांव की महिलाओं जासू शैलूकर, उर्मिलाबाई और श्यामा अखंडे सहित अन्य ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े आश्वासन दिए जाते हैं लेकिन गर्मियों में हर साल पैदा होने वाली पानी की समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में तत्काल टैंकरों के जरिए पानी उपलब्ध कराने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने और जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच कराने की मांग की है। हाल ही में जिला पंचायत की बैठक में भी जनप्रतिनिधियों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। इस मामले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक यंत्री निखिल जैन ने बताया कि पंचायत की ओर से पाइपलाइन विस्तार का प्रस्ताव भेजा गया है। विभाग द्वारा निरीक्षण कर समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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