अमेरिका ने ईरान में 7 घंटे तक की बमबारी, जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर किया हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान समझौते के लिए आगे नहीं आया, तो अगले हफ्ते बिजलीघरों और पुलों को भी निशाना बनाया जाएगा।
तेहरान। अमेरिका ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, करीब सात घंटे तक चले ऑपरेशन में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक संसाधनों और कोस्टल डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया।
उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जवाबी अभियान शुरू करते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। IRGC ने बहरीन के अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट बेस और जॉर्डन के अजराक एयरबेस को निशाना बनाने का भी दावा किया।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान समझौते के लिए आगे नहीं आया, तो अगले हफ्ते बिजलीघरों और पुलों को भी निशाना बनाया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी रणनीति जारी रखेगा।
ईरान ने दावा किया है कि दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक सैन्य बैरक पर अमेरिकी मिसाइल हमले में उसके 7 सैनिक मारे गए हैं। सेना के मुताबिक, 13 मिसाइलें 388वीं ब्रिगेड की बैरक पर दागी गईं। हमले में गेस्ट हाउस, गार्ड पोस्ट और जवानों के रहने की इमारतों को निशाना बनाया गया। ईरानी सेना का कहना है कि पहले से किए गए सुरक्षा इंतजामों की वजह से नुकसान सीमित रहा। सेना ने इसे कायराना हमला" बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उधर, दक्षिणी इराक के बसरा प्रांत में स्थित ग्रैंड फाव पोर्ट प्रोजेक्ट के भीतर एक अज्ञात ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, जबकि नुकसान सीमित रहा है। इराकी सुरक्षा सूत्र के अनुसार, ड्रोन परियोजना परिसर के अंदर गिरा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन किसका था और यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।




