MP: मोहन कैबिनेट में रातों-रात बड़ा उलटफेर, मंत्री लखन पटेल से वापस लिया गया पशुपालन एवं डेयरी विभाग

मध्य प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया गया है। यह विभाग अब मुख्यमंत्री अपने पास रखेंगे।

Updated: Jul 15, 2026, 01:19 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस ले लिया गया है। यह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने पास रखेंगे। इसके साथ ही लखन पटेल अब सिर्फ आनंद विभाग के मंत्री रह गए हैं।

मुख्यमंत्री के फैसले के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। जानकारी के मुताबिक मंत्री लखन पटेल को बुधवार सुबह सीएम हाउस बुलाया गया। वे करीब 10 बजे सीएम हाउस पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान उनसे पशुपालन विभाग का प्रभार वापस लेने को लेकर चर्चा हुई। हालांकि गजट नोटिफिकेशन कल ही जारी हो गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, पशुपालन एवं डेयरी विभाग समेत वे सभी विभाग रहेंगे, जो किसी अन्य मंत्री को नहीं सौंपे गए हैं। इस तरह मुख्यमंत्री के पास अब 11 विभाग हो गए हैं। हालांकि नोटिफिकेशन में वन विभाग का जिक्र नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य प्रदेश में स्वावलंबी गोशालाएं शुरू होनी थीं। इनके लिए चुनी गई कई संस्थाओं की स्थिति से सरकार संतुष्ट नहीं थी। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों और मंत्री की सहमति से उन्हें काम देने की तैयारी की जा रही थी। पिछले तीन-चार महीने से सीएम इस मुद्दे पर मंत्री को कई बार समझा चुके थे। स्वावलंबी गोशालाओं के लिए संस्थाओं को जमीन आवंटन के मामले की शिकायत संघ और बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंची थी। इसके बाद उनके विभाग वापस लिया गया।

लखन पटेल से पहले मोहन यादव सरकार में मंत्री नागर सिंह चौहान से भी विभाग छिन चुका है। नागर सिंह के पास अनुसूचित जाति कल्याण, वन और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी थी। दो साल पहले सीएम यादव ने रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग सौंप दिया था। हालांकि रावत उपचुनाव हार गए और तब से यह विभाग सीएम यादव के पास ही है।