भोपाल में नगर निगम कर्मचारी ने की आत्महत्या, हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग से था परेशान
भोपाल के कोलार इलाके में नगर निगम ड्राइवर सुल्तान खान ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर जहर खा लिया। इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।
भोपाल। राजधानी भोपाल के कोलार इलाके से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर निगम में ड्राइवर के पद पर कार्यरत 30 वर्षीय सुल्तान खान ने हनीट्रैप और लगातार ब्लैकमेलिंग से तंग आकर जहर खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुल्तान खान कोलार के थुआखेड़ा क्षेत्र में रहता था। करीब छह महीने पहले एक युवती ने उससे भावनात्मक संबंध बनाकर भरोसे में लिया। इसके बाद निजी वीडियो वायरल करने और रेप केस में फंसाने की धमकी देकर उससे लगातार पैसे वसूले जाने लगे। परिजनों के अनुसार, इस ब्लैकमेलिंग के जरिए उससे करीब 8 लाख रुपये ऐंठे गए थे। जबकि, सुल्तान ने इलाज के दौरान अपने भाई को बताया था कि वह कुल 15 लाख रुपये तक दे चुका है।
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ब्लैकमेलिंग सिर्फ युवती तक सीमित नहीं थी। उसके साथ चार अन्य लोग भी शामिल थे। इनमें से एक व्यक्ति खुद को थाना प्रभारी बताकर कॉल करता था और जेल भिजवाने की धमकी देता था। कॉल और मैसेज के जरिए सुल्तान को गालियां दी जातीं, जान से मारने की धमकियां मिलतीं और बार-बार मिलने व पैसे देने का दबाव बनाया जाता था। इस मानसिक उत्पीड़न ने उसे पूरी तरह तोड़ दिया।
जांच के दौरान सुल्तान के मोबाइल फोन से अहम डिजिटल सबूत सामने आए हैं। चैट्स और कॉल डिटेल्स में ब्लैकमेलिंग, धमकियों और दबाव के स्पष्ट संकेत मिले हैं। युवक के फोन पर युवती के 161 मिस्ड कॉल दर्ज हैं। वहीं, उसके साथियों के भी कई कॉल के रिकॉर्ड पाए गए हैं। सुल्तान ने आरोपियों के पांच मोबाइल नंबर अलग-अलग नामों से सेव कर रखे थे। इनमें एक नंबर माई वाइफ और दूसरा अंकल टीआई के नाम से सेव था।
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मृतक के छोटे भाई सलमान ने पुलिस को बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान सुल्तान ने पूरी आपबीती साझा की थी। उसने कहा था कि वह लगातार धमकियों से डर गया था और युवती की कॉल्स घटना से एक दिन पहले तक आती रहीं थी। सलमान के मुताबिक, सुल्तान के पास चैट और स्क्रीनशॉट जैसे सबूत भी मौजूद थे।
परिवार ने यह भी बताया कि करीब एक साल पहले सुल्तान का तलाक हो चुका था। उसके दो छोटे बच्चे हैं। तलाक के बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। इसी कमजोर मानसिक स्थिति के दौरान उसका संपर्क युवती से हुआ और वह हनीट्रैप का शिकार बन गया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद युवती और उसके साथियों की भूमिका स्पष्ट होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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