राम मंदिर चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच की मांग, दिल्ली में सड़क पर लेटे 500 से अधिक साधु-संत

साधु-संत राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। पुलिस ने उन्हें पीएम हाउस की ओर बढ़ने नहीं दिया तो वे सड़क पर लेट गए।

Updated: Aug 10, 2026, 06:54 PM IST

नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर देशभर के साधु-संतों ने मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के मंडी हाउस इलाके में 500 से अधिक साधु-संत सड़क पर लेट गए हैं। साधु-संत पीएम मोदी से मिलकर चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच की मांग करना चाहते थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें पीएम हाउस की ओर बढ़ने से रोक दिया। ऐसे में वे मंडी हाउस इलाके में ही सड़क पर लेट गए।

इस प्रदर्शन में अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के संतों सहित लगभग 500 महंत और महामंडलेश्वर शामिल हुए थे, जो राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। इसके लिए वे सभी मंडी हाउस से पीएम आवास की ओर मार्च निकालने की तैयारी में थे।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों और बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने का हवाला देकर साधु-संतों को जुलूस निकालने और भीड़ जुटाने से रोक दिया। इसके विरोध में कई संत मंडी हाउस इलाके में सड़क पर ही लेट गए। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर "जय श्री राम" के नारे लगाए और चढ़ावे में सेंध लगाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

इस प्रदर्शन में सनातनी किन्नर अखाड़े के लोग भी शामिल थे। प्रदर्शन का नेतृत्व नामदेव दास त्यागी (कंप्यूटर बाबा) और प्रकाशानंद गिरी महाराज कर रहे थे। संतों के समर्थन में पूर्णियाँ से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी मंडी हाउस पहुंचे थे। पप्पू यादव भी संतों के साथ सड़क पर लेट गए। सड़क पर लेटने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए पप्पू यादव ने लिखा, 'चंदा चोर गद्दी छोड़, रामजी के लुटेरे कुर्सी छोड़।'