जिंदा आदमी का पोस्टमार्टम हो रहा, स्वास्थ्य मंत्री नहीं तो कौन जिम्मेदार, रीवा में धरने पर बैठे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की असफलता के कारण प्रदेशभर में कई बच्चों की मौत हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग की।

Updated: Sep 07, 2026, 12:38 PM IST

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत को लेकर लोगों में आक्रोश है। न्याय की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रीवा पहुंचे और धरना स्थल पर परिजनों से मुलाकात कर उनका समर्थन किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

रीवा में देर रात पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह कांग्रेस के जयस्तंभ चौराहे पर आयोजित धरने में शामिल हुए। यह धरना संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के विरोध में कांग्रेस ने आयोजित किया गया है। वहीं, कल्पना मिश्रा के पिता सिरमौर चौराहे पर अलग से धरना दे रहे हैं।

धरने को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जाए तो किसे माना जाए? उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और स्वास्थ्य मंत्री अपने ही गृह जिले में व्यवस्था नहीं सुधार पा रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि रीवा के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल में कभी जीवित व्यक्ति का पोस्टमॉर्टम करने की कोशिश की जाती है तो कभी प्रसूता और नवजात की जान चली जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं यह व्यापमं से हुई भर्तियों का नतीजा तो नहीं है, जिनकी वजह से ऐसी गंभीर गलतियां सामने आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की असफलता के कारण प्रदेशभर में कई बच्चों की मौत हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के लिए लड़ाई लड़ रही है।

दिग्विजय सिंह ने नर्सिंग भर्तियों को लेकर भी प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इस दौरान प्रदेश में जिस तरह नर्सिंग भर्तियां हुईं और लगातार नर्सिंग घोटाले सामने आए, उसी का नतीजा है कि इस तरह के डॉक्टर और नर्स निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी।