ग्वालियर में नकली जीरे का खेल, सौंफ पर सीमेंट चढ़ाकर ब्रांडेड पैकेट में होती थी सप्लाई

ग्वालियर में पुलिस ने मिलावटखोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। सौंफ पर सीमेंट और केमिकल्स का लेप चढ़ाकर नकली जीरा बनाई जा रही थी। शिवपुजारी ब्रांड की फर्जी पैकेजिंग में 46 बोरियां जब्त हुईं।

Updated: Jan 31, 2026, 05:48 PM IST

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से मिलावटखोरी का एक नया मामला सामने आया है। मिलावटखोरी का यह मामला सीधे आम लोगों की सेहत पर हमला है। रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाला और सेहत के लिए फायदेमंद माना जाने वाला जीरा लोगों के लिए धीमा जहर बन चुका था। ग्वालियर पुलिस ने ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सस्ती सौंफ पर सीमेंट, स्टोन पाउडर और खतरनाक रसायनों का लेप चढ़ाकर उसे असली और चमकीला जीरा बनाकर बाजार में खपा रहा था।

मामले का खुलासा तब हुआ जब गुजरात के मेहसाणा स्थित मशहूर शिवपुजारी ब्रांड के मालिक विमल कुमार पटेल को उनके ब्रांड नाम से नकली जीरे की बिक्री की जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने न केवल नकली जीरा तैयार किया बल्कि शिवपुजारी ब्रांड की हूबहू नकल करते हुए उस जैसी पैकेजिंग सामग्री भी छपवा ली थी ताकि उपभोक्ताओं को शक तक न हो।

शिकायत के आधार पर बहोड़ापुर इलाके में एक ट्रांसपोर्ट ठिकाने पर छापा मारा गया जहां से पुलिस ने करीब 46 बोरियां नकली जीरा बरामद किया। जब्त माल की कीमत ढाई लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने हितेश सिंघल उर्फ चंपक, मनोज मैनेजर और टीटू अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि मिलावट का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपी सौंफ के बीजों पर स्लेटी रंग का सीमेंट, स्टोन पाउडर और खास किस्म के केमिकल्स का लेप चढ़ाते थे। इसके बाद इन्हें सुखाकर पॉलिश किया जाता था। जिससे ये देखने में बिल्कुल असली और गहरे रंग के जीरे जैसे लगें। सौंफ और जीरे की बनावट में समानता होने के कारण आम ग्राहक के लिए असली और नकली में फर्क कर पाना लगभग नामुमकिन हो जाता था।

सेहत के लिहाज से यह मिलावट बेहद खतरनाक बताई जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सीमेंट मिला जीरा शरीर में पहुंचने पर आंतों में जमा हो सकता है। लंबे समय तक इसके सेवन से पेट में पथरी, गंभीर संक्रमण और किडनी फेल होने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। वहीं, इस्तेमाल किए गए रसायन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जब्त की गई 46 बोरियों का माल कहां सप्लाई किया जाना था और इस गिरोह के तार ग्वालियर के अलावा किन-किन शहरों और राज्यों तक फैले हुए हैं।