उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफा, ED की कार्रवाई के बाद उठाया कदम

उत्तराखंड के पूर्व CM हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनके पीए पर लगे आरोपों की वजह से पार्टी को नुक़सान हो सकता है।

Updated: Sep 12, 2026, 11:23 AM IST

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम उन्होंने अपने ओएसडी चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ईडी की रेड के बाद उठाया है। रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी मेरी वजह से नहीं आनी चाहिए, इसलिए मैं पद छोड़ रहा हूं।

दरअसल, शुक्रवार को हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर ईडी की रेड के बाद सियासी उथल-पुथल मच गई। जीना के घर से बड़ी मात्रा में नगदी, सोना-चांदी और कीमती सामान मिलने का दावा किया गया है। जिसके बाद देर रात हरीश रावत ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपने संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देने की बात कही है। बता दें कि कुछ ही महीनों में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं और उत्तराखंड में कांग्रेस के बड़े चेहरे और पार्टी के वरिष्ट नेता के यू संगठनात्मक पदों का छोड़ने के बाद राजनीतिक गलियारी में हलचल का माहौल है।

हरीश रावत ने अपनी पोस्ट पर लिखा कि 'सामने टीवी पर खबर आ रही है कि देहरादून में हरीश रावत के पीए के पास भारी मात्रा में कैश और ज्वैलरी आदि पकड़ी गई या पकड़ाई गई, इस तथ्य का खुलासा तो आने वाले समय में होगा और यह सत्य है कि श्री जीना मेरे ओएसडी रहे हैं और मैं जितने भी पदों पर रहा, चाहे पार्टी में रहा या सरकार में रहा, वह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते रहे हैं।

रावत ने आगे लिखा कि जीना एक निहायती सज्जन, विनम्र और काम करने वाले व्यक्ति हैं। यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की और यदि इस तरीके की कोई भी गलती उन्होंने की है, उसके प्रमाण हैं तो उनके इस तथाकथित दुस्साहसिक कृत्य के लिए मैं लज्जित हूँ। परंतु मुझे इस आरोप पर बिल्कुल विश्वास नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड के चुनाव में भारी स्टेक्स हैं। मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं? तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि भई चुनाव तब होंगे, जब सीबीआई मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी। यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे। लेकिन इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है।

रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ रहे हैं। राहुल गांधी जी राष्ट्रीय स्तर पर 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। ऐसे समय में हरीश रावत के किसी भी कृत्य से यदि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी आती है, तो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहूँगा।