मैहर के आंगनवाड़ी के वायरल वीडियो पर बवाल, बच्चों को पोषण आहार के नाम पर परोसी गई नमक और पूड़ी

मैहर जिले में आंगनवाड़ी बच्चों को केवल पूड़ी-नमक परोसने के वायरल वीडियो का सच सामने आ गया है। जांच के मुताबिक, यह 3 महीने पुराना अधूरा वीडियो आपसी रंजिश के तहत वायरल किया गया था।

Updated: Jul 30, 2026, 06:17 PM IST

मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ककरा आंगनवाड़ी केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग हरकत में आ गया। वीडियो में छोटे बच्चों को केवल पूड़ी और नमक खाते हुए देखा जा रहा है। मामला सामने आते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) राजेंद्र बांगड़े ने जांच के आदेश दिए हैं। विभागीय जांच के बाद अधिकारियों ने दावा किया कि वायरल वीडियो हाल का नहीं बल्कि करीब तीन महीने पुराना है और इसे अधूरी स्थिति में रिकॉर्ड कर अब सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो उस समय बनाया गया था जब बच्चों को भोजन परोसने की प्रक्रिया चल रही थी। विभाग का कहना है कि पूरे घटनाक्रम को दिखाने के बजाय अधूरा वीडियो वायरल कर गलत तस्वीर पेश की गई है। जांच रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंप दी गई है।

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परियोजना अधिकारी (CDPO) अखिलेश दीपांकर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 26 जुलाई की रात गांव में कुछ लोगों के बीच मारपीट हुई थी। इस दौरान शिवम् स्व सहायता समूह की अध्यक्ष राधाबाई विवाद शांत कराने पहुंची थी। उनकी बेटी ने उस घटना के फोटो और वीडियो भी बनाए थे। विभाग का दावा है कि मारपीट की जानकारी पुलिस तक न पहुंचे इसके लिए राधाबाई पर दबाव बनाने की मंशा से आंगनवाड़ी का करीब तीन महीने पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि जिस दिन वीडियो बनाया गया था उस दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन जायसवाल टीकाकरण अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ककरा में ड्यूटी पर थी। उस समय केंद्र पर केवल 62 वर्षीय सहायिका ऊषा गौतम मौजूद थी और वही बच्चों की देखरेख कर रही थी।

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वर्तमान में ककरा आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी शिवम् स्व सहायता समूह के पास है। विभाग का कहना है कि ताजा जांच में समूह की ओर से किसी नई लापरवाही के प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्वीकार किया कि पहले अनियमितताओं के मामलों में इस समूह पर जुर्माना लगाया जा चुका है।