MP में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम, 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और मानसून टर्फ के प्रभाव से बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय है। जबलपुर, रीवा और शहडोल समेत 18 जिलों में अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी है।

Updated: Aug 16, 2026, 07:57 PM IST

मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और मानसून टर्फ के सक्रिय होने से बारिश का नया सिस्टम मजबूत हो गया है। इसका सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को कई जिलों में 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

रविवार को जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में तेज बारिश की संभावना है। इसके अलावा रायसेन और नर्मदापुरम में भी भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे के दौरान इन इलाकों में 4 इंच या उससे अधिक पानी गिरने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है।

प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सतना, मैहर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

मौजूदा मौसम सिस्टम का प्रभाव केवल पूर्वी मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल के साथ ग्वालियर और चंबल संभाग में भी इसका असर देखने को मिलेगा। इन संभागों के कुछ जिलों में 16, 17 और 18 अगस्त को तेज बारिश का अलर्ट है।

मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 544.4 मिलीमीटर यानी करीब 21.4 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश के आंकड़े से कम है। इस अवधि में प्रदेश में सामान्य तौर पर 618.8 मिलीमीटर यानी 24.4 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक करीब 12 प्रतिशत बारिश कम हुई है।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी 19 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।

प्रदेश के 43 जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है। इनमें बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिले शामिल हैं। इन जिलों में बारिश की कमी 2 प्रतिशत से लेकर 54 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1 से 48 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

हालांकि, प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून सामान्य से बेहतर रहा है। भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

फिलहाल सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। अगले तीन दिनों में जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में भारी बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।