इंदौर: भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त से पहलवान की मौत, दूषित पानी से अब तक 29 जानें गईं

भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से मौतों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 75 वर्षीय पहलवान खूबचंद की मौत हो गई। यह इस मामले में 29वीं मौत है।

Updated: Jan 28, 2026, 12:40 PM IST

इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को इस कड़ी में एक और बुजुर्ग की मौत हो गई। 75 वर्षीय पहलवान खूबचंद पुत्र गन्नुदास ने उल्टी-दस्त की गंभीर शिकायत के बाद दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि उनकी मौत सीधे तौर पर दूषित पानी पीने के कारण हुई बीमारी से हुई है। इंदौर में दूषित पानी से अब मौतों की संख्या 29 हो गई है।

परिजनों के अनुसार, खूबचंद पिछले करीब 15 दिनों से उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। शुरुआत में उन्हें इलाज के लिए भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था जहां दवाइयां देकर घर भेज दिया गया था। हालांकि, उनकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। मंगलवार सुबह दोबारा उन्हें उसी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां मौजूद विशेषज्ञों ने फिर से दवा दी और घर पर आराम करने की सलाह दी।

शाम होते-होते उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। तेज उल्टी के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और कुछ ही समय में उनकी मौत हो गई। बेटे राहुल का कहना है कि उनके पिता इससे पहले पूरी तरह स्वस्थ थे और रोजमर्रा का काम खुद करते थे। पहलवान होने के कारण वे नियमित रूप से शरीर की मालिश भी किया करते थे और सक्रिय जीवन जी रहे थे।

राहुल ने बताया कि उनके पिता मील में मजदूरी करते थे और अपने दौर के मजबूत पहलवानों में गिने जाते थे। उन्होंने कई कुश्तियों में नामी पहलवानों को हराया था और संघ से भी लंबे समय तक जुड़े रहे थे। सामाजिक कार्यों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि दूषित पानी के कारण उन्हें इस तरह अपने पिता को खोना पड़ेगा।

इधर, भागीरथपुरा में दूषित जल से हो रही मौतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया है। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता करेंगे। यह आयोग चार सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट में दूषित पानी की वजह, जिम्मेदार एजेंसियों की भूमिका और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के उपायों पर निष्कर्ष दिए जाएंगे।