किसान आंदोलनकारियों को बीजेपी के मंत्रियों ने बताया, मालपुआ खानेवाले कुकुरमुत्ते संगठन

कमल पटेल के बाद शिवराज सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव ने भी दिया विवादित बयान, कहा- मालपुआ खा रहे हैं किसान आंदोलनकारी, कमल पटेल ने कहा कुकुरमुत्ता संगठन

Updated: Dec 15, 2020, 06:41 PM IST

किसान आंदोलनकारियों को बीजेपी के मंत्रियों ने बताया, मालपुआ खानेवाले कुकुरमुत्ते संगठन

भोपाल। केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 19 दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर मध्यप्रदेश बीजेपी के नेताओं के अजीबोगरीब बयान सामने आए हैं। मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने प्रदर्शनकारी किसानों को कुकुरमुत्ता करार देते हुए देशद्रोही बताया है। वहीं शिवराज सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव ने विवादित बयान देते हुए कहा कि किसान मालपुआ खा रहे हैं क्योंकि उन्हें विदेशों से प्रदर्शन के लिए पैसा मिल रहा है।

प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल बीजेपी का किसानों से संवाद कार्यक्रम के तहत उज्जैन में एक प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'किसान संगठन 'कुकुरमु्त्तों' की तरह उग आए हैं। ये किसान नहीं हैं, बल्कि व्हीलर डीलर और एंटी नेशनल हैं।' पटेल ने आगे कहा कि, 'विपक्ष और बिचौलयों के बनाए संगठन हैं। देशद्रोहियों के संगठन हैं। विदेशी ताकतें, जो देश को मजबूत नहीं होने देना चाहतीं, उनके संरक्षण में ऐसे संगठन फल-फूल रहे हैं। ये देश और सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। किसान जनजागरण अभियान के माध्यम से इनका पर्दाफाश होना जरूरी है।'

आंदोलन फिजूल का काम है

शिवराज सरकार के दूसरे मंत्री, पीडब्ल्यूडी विभाग के गोपाल भार्गव ने कहा है कि आंदोलन करना फिजूल का काम है। भार्गव ने सोमवार को कहा, 'एमपी और पंजाब के किसानों में बहुत फर्क है। वहां के किसान समृद्ध हैं। महीनों आंदोलन कर सकते हैं, पर एमपी के किसान नहीं। वह फिजूल कामों में समय खर्च नही कर सकते। मन्त्री ने कहा कि किसान आंदोलन एक वर्ग विशेष का षड्यंत्रकारी रवैया है। इस कारण इसमें देश के ज्यादा किसान शामिल नही हैं।'

इतना ही नहीं उन्होंने यहां तक कह दिया कि आंदोलनकारी किसान मालपुआ खा रहे हैं और उन्हें विदेश से पैसे मिल रहे हैं। भार्गव ने कहा, 'इस आंदोलन में विदेशी फंडिंग से इनकार नही किया जा सकता है। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि वे वर्षों तक आंदोलन कर सकते है। मालपुआ खा रहे हैं। वहीं एमपी में किसान खेती में लगा है। उधर आंदोलनकारी मलाई, हलवा पुरी खाये जा रहे हैं। कहाँ से पैसा आ रहा है? वहां का किसान समृद्ध है।'

यह पहली बार नहीं है जब किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी नेताओं ने विवादित बयानबाजी की हो। इसके दो दिन पहले बीजेपी के दिग्गज नेता व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि किसान आंदोलन में माओवादी व वामपंथी तत्व शामिल हैं।