MP में फिर शुरू हुआ बारिश का दौर, गुना और मंडी में फसलें बर्बाद, दशहरे पर 14 जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद अचानक हुई भारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गुना में मक्के की फसल भीगने के साथ बह गई। मौसम विभाग ने दशहरे पर इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गुना में भारी बारिश के कारण खेतों में कटी मक्के की फसल भीग गई। जबकि, मंडी में खुले में रखा मक्का पानी के साथ नालियों में बह गया। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले तीन दिनों तक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान 15 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें गुना, इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा शामिल हैं।
इस दौरान गुना शहर में 115.6 मिलीमीटर बारिश हुई जो साढ़े 4 इंच से अधिक है। इतनी बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। खेतों में कटाई के बाद रखी मक्के की फसल पानी में भीग गई। वहीं, मंडी में खुले स्थान पर रखा मक्का बारिश के पानी के साथ बहकर नालियों में चला गया। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ।
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आगर-मालवा जिले के सोयतकलां में करीब सवा इंच और सुसनेर में एक इंच बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के 22 शहरों और कस्बों में आंधी के साथ पानी गिरा। आगर-मालवा में हवा की रफ्तार 68 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। इंदौर में 31 किलोमीटर प्रति घंटे और खरगोन, हरदा व बुरहानपुर में 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थी।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन प्रदेश के 14 जिलों में बारिश होने की संभावना है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल शामिल हैं। इन इलाकों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
ऐसे में खुले में रखी कृषि उपज और कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसलों को सुरक्षित रखना किसानों के लिए जरूरी होगा। वहीं, सोमवार दोपहर इंदौर और पीथमपुर में भी बारिश हुई। सोमवार को ही भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह समेत 15 जिलों में बारिश का अनुमान जताया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 20 से 22 अक्टूबर के बीच प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बारिश होने की संभावना है। इसके उलट पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है। विभाग का कहना है कि पश्चिमी क्षेत्र में एक ट्रफ गुजर रही है और चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव भी बना हुआ है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण आंधी और बारिश का दौर सक्रिय हुआ है जो अगले चार दिनों तक पश्चिमी हिस्से को प्रभावित कर सकता है।
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बारिश का यह दौर ऐसे समय में आया है जब प्रदेश से दक्षिण पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही लौट चुका था। इसके बावजूद पिछले एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखा जा रहा है। पिछले चार दिनों में कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी दर्ज की गई है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 सालों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड का मिला जुला रुख देखने को मिलता रहा है। इस साल भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही है। अक्टूबर की शुरुआत में आसमान साफ होने और तेज धूप निकलने के बाद अब कई जिलों में बारिश हो रही है। वहीं, रात के तापमान में ठंडक महसूस की जा रही है। इस बार मध्य प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा। मानसून की विदाई के बाद भी मौसमी सिस्टम बनने से बारिश जारी है, जिसका असर खेती और आम जनजीवन पर पड़ रहा है।
बारिश के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत से करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, इस क्षेत्र के कई जिलों में अभी भी बारिश की कमी बनी हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
दूसरी ओर पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
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मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
वहीं, शेष 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इस सूची में नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।




