भोपाल के नूर उस सबाह पैलेस से जुड़े रिलायबल ग्रुप से 1 करोड़ की साइबर ठगी, पुलिस ने 95 लाख रुपये किए होल्ड

भोपाल के नूर उस सबाह पैलेस से जुड़े रिलायबल ग्रुप से 1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने रकम 200 खातों में ट्रांसफर की लेकिन साइबर पुलिस ने 95 लाख रुपये होल्ड करा लिए।

Updated: Aug 31, 2026, 04:57 PM IST

भोपाल। नूर उस सबाह पैलेस से जुड़े रिलायबल ग्रुप के साथ एक करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने जिस कंपनी को ग्रुप को भुगतान करना था उसकी ईमेल आईडी से मिलती-जुलती फर्जी आईडी बनाकर बैंक खाते की जानकारी भेजी। ग्रुप ने इसी खाते में एक करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायत मिलने के बाद स्टेट साइबर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 95 लाख रुपये की रकम अलग-अलग बैंक खातों में होल्ड करा दी। जबकि, करीब पांच लाख रुपये ठग निकालने में सफल रहे।

मामला बीते 27 अगस्त का है। ग्रुप के अकाउंटेंट संजय लाखोटिया के मुताबिक, कंपनी को एक करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था। इसी दौरान फर्जी ईमेल और वाट्सएप के जरिए बैंक खाते की जानकारी भेजी गई। इसे संबंधित कंपनी का खाता समझकर ग्रुप की ओर से रकम ट्रांसफर कर दी गई। करीब दो घंटे बाद असली कंपनी ने भुगतान नहीं मिलने की जानकारी दी। इसके बाद ग्रुप को बैंक खाते से जुड़ी धोखाधड़ी का पता चला और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।

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शिकायत मिलते ही स्टेट साइबर पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के जरिए संबंधित बैंक खातों पर कार्रवाई शुरू की। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को एक खाते में रखने के बजाय तेजी से अलग-अलग खातों में भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक, करीब तीन घंटे के भीतर एक करोड़ रुपये देश के विभिन्न राज्यों में मौजूद लगभग 200 बैंक खातों तक पहुंचा दिए गए।

समय रहते शिकायत होने का फायदा यह हुआ कि साइबर पुलिस ने रकम के ट्रांजेक्शन पर तत्काल कार्रवाई की। करीब 95 लाख रुपये की राशि अलग-अलग खातों में होल्ड करा दी गई। जबकि, लगभग पांच लाख रुपये की रकम निकाली जा चुकी थी। पुलिस की ओर से इसे इस तरह के मामलों में गोल्डन ऑवर के दौरान की गई प्रभावी कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, इस मामले में अभी तक नियमित एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और रकम को आगे ट्रांसफर करने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है।

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