उज्जैन में करणी सेना के दो गुटों में खूनी झड़प, 2 लोगों की मौत

उज्जैन के लक्की दरबार ढाबे पर बुधवार रात करणी सेना के दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। 12-15 हथियारबंद बदमाशों ने तलवार और चाकू से हमला कर 2 लोगों की हत्या कर दी।

Updated: Aug 27, 2026, 01:42 PM IST

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन के कानीपुरा स्थित लक्की दरबार ढाबे पर बुधवार देर रात करणी सेना से जुड़े दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। रात करीब 2 बजे 12 से 15 हथियारबंद लोग ढाबे पर पहुंचे और एक पक्ष पर चाकू-तलवार से हमला कर दिया। वारदात में करणी सेना जिला उपाध्यक्ष राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप (42) और ढाबा संचालक जितेंद्र पवार (35) की मौत हो गई।

राहुल दरबार नीमनवासा के रहने वाले थे और करणी सेना में जिला उपाध्यक्ष के पद पर थे। हमले में गंभीर रूप से घायल राहुल को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। दूसरी ओर उंडासा निवासी ढाबा संचालक जितेंद्र पवार का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर झाड़ियों में मिला।

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जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत रात करीब 11 बजे हुई थी। राहुल के छोटे भाई के पास शक्ति सिंह का फोन आया था। राहुल के मामा हेमंत सिंह चौहान के अनुसार, फोन पर चेतावनी दी गई थी कि अगर अपने भाई को बचा सकते हो तो बचा लेना। इसके बाद राहुल के भाई ने हेमंत सिंह को इसकी जानकारी दी और परिवार के लोग लक्की दरबार ढाबे पहुंचे। वहां राहुल घायल अवस्था में मिले चाय है क्याजिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

हेमंत सिंह चौहान ने बताया कि कुछ समय पहले राहुल और अर्पित के बीच एक बच्चे को लेकर विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। इसी समझौते के बाद आयोजित पार्टी के लिए शक्ति सिंह और राहुल लक्की दरबार ढाबे पहुंचे थे। बताया गया कि शक्ति सिंह ही राहुल को लेकर ढाबे पर गया था।

ढाबे पर दोनों पक्षों ने खाना खाया और शराब पी। इसी दौरान शक्ति सिंह ने राहुल को थप्पड़ मार दिया। इसके जवाब में राहुल ने चम्मच से शक्ति के सिर पर वार किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और शक्ति सिंह ने सोनू बंजारा को फोन करके साथियों को बुलाया।

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कुछ ही देर में सोनू बंजारा 12 से अधिक लोगों के साथ हथियार लेकर ढाबे पर पहुंचा। आरोप है कि इन लोगों ने राहुल पर चाकू और तलवार से हमला कर दिया। इस दौरान ढाबा संचालक जितेंद्र पवार को भी चाकू मारा गया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

वारदात में घायल श्रवण ने पुलिस को बताया कि ढाबे पर शक्ति सिंह और राहुल दरबार के बीच पहले विवाद हुआ था। वहां मौजूद लोगों ने शुरुआती विवाद को शांत करा दिया था लेकिन बाद में शक्ति सिंह ने फोन कर सोनू बंजारा और अन्य साथियों को बुला लिया। जिसके बाद हमला हुआ।

घटना की जानकारी मिलते ही चिमनगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस के अनुसार, शक्ति सिंह भी इस घटना में घायल हुआ है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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मामले में अर्पित, करणी सेना जिलाध्यक्ष मोहन बना और सोनू बंजारा के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जांच में पुरानी रंजिश, विवाद की वास्तविक वजह और हमले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

घटना को लेकर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मध्य प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने उज्जैन को गृह नगर बताते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश के असफल गृहमंत्री का गृह नगर फिर कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। पटवारी ने दो गुटों के भिड़ने और दो लोगों की हत्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री से सवाल किया कि आखिर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “मध्य प्रदेश के सबसे असफल गृहमंत्री का गृह नगर उज्जैन फिर चर्चा में है। वजह भी वही है कानून अव्यवस्था।” पटवारी ने आगे घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ढाबे पर करीब 15 लोगों ने तलवार और डंडों से हमला किया और गाड़ियों के शीशे भी तोड़े। उन्होंने सवाल किया, “पता नहीं क्यों CM कार्रवाई क्यों नहीं करते?”

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फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे और हमले के पीछे पुरानी रंजिश के अलावा कोई अन्य कारण था या नहीं।