तीन महीने में 40 फीसदी महंगी हुई चीनी, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने मोदी सरकार से पूछे तीन सवाल
मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूछा कि जब देश में चीनी की कमी है और सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो गन्ने और अनाज को E20 के लिए Ethanol बनाने में झोंकने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं हो रही।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने त्योहारों से पहले चीनी की कीमत में ‘‘बढ़ोतरी’’ और देश में चीनी का भंडार कम होने को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। खड़गे ने केंद्र से सवाल किया कि ऐसी स्थिति में भी पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) की नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही।
कांग्रेस अध्यक्ष ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह दावा भी किया कि देश में चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है और 10 लाख टन चीनी का शुल्क-मुक्त आयात करने की नौबत आ गई है। उन्होंने सवाल किया, ‘दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक भारत में आज चीनी का भंडार नौ साल के निचले स्तर पर क्यों है? नौबत निर्यात रोकने और 10 लाख टन चीनी का शुल्क-मुक्त आयात करने तक कैसे पहुंच गई?’
राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़गे ने कहा कि तीन महीने में चीनी करीब 40 प्रतिशत महंगी हो गई है और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए कि त्योहारों से पहले जनता पर पड़ने वाली इस महंगाई की मार के लिए कौन जिम्मेदार है। खड़गे ने देश में चीनी की कमी के बीच एथेनॉल नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब सरकार विदेश से चीनी मंगा रही है, तो पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई20) के लिए गन्ने और अनाज को इस्तेमाल करने की नीति की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने सवाल किया, ‘‘ये कैसा ‘आत्मनिर्भर भारत’ है?’
कांग्रेस अध्यक्ष ने इन मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि त्योहारों के मौसम में चीनी की कीमतों में वृद्धि का बोझ आम लोगों पर पड़ रहा है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों से करीब 44 रुपये प्रति किलो के आसपास खुदरा बाजार में बिक रही चीनी के दाम अब तेजी से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गए हैं। चीनी की कीमतों में अचानक आए इस उछाल ने आम उपभोक्ताओं से लेकर छोटे दुकानदारों और मिठाई कारोबारियों तक की चिंता बढ़ा दी है। त्योहार को देखते हुए कीमतें और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।




