PM मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा के फाउंडर जुकरबर्ग ने मांगी माफी, संसदीय समिति ने दिया था तीन दिन का अल्टीमेटम

संसदीय समिति ने 3 दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मेटा को भारत में मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और कुछ छूट वापस लेने पर विचार किया जा सकता है।

Updated: Aug 05, 2026, 06:12 PM IST

नई दिल्ली। Meta और भारत सरकार के बीच शुरू हुआ विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक फेसबुक वीडियो को कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले में संसद की स्थायी समिति ने मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग से तीन दिन के भीतर व्यक्तिगत माफी मांगने को कहा था। साथ ही चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। ऐसे में अब जुकरबर्ग को माफी मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

दरअसल, पूरा विवाद जुलाई के आखिर में शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक पर कुछ समय के लिए दिखाई देना बंद हो गया था। वीडियो में प्रधानमंत्री छात्रों और पेपर लीक के मुद्दे पर बात कर रहे थे। कुछ समय बाद मेटा ने वीडियो वापस बहाल कर दिया और कहा कि यह एक तकनीकी गलती थी। कंपनी ने खेद भी जताया। लेकिन सरकार इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखीं।

अब संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी स्थायी समिति ने इस मामले को गंभीर माना है। समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने कहा कि केवल कंपनी की तरफ से दिया गया सामान्य माफीनामा काफी नहीं है। उनका कहना है कि Meta के CEO मार्क जकरबर्ग को खुद सामने आकर माफी मांगनी चाहिए। समिति ने इसके लिए तीन दिन का समय दिया है। 

संसदीय समिति ने चेतावनी दी है कि अगर Meta इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं देता या जकरबर्ग व्यक्तिगत रूप से माफी नहीं मांगते है तो ऐक्शन होगा। भारत सरकार की ओर से समिति ने चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मैटेरियल, डीपफेक कंटेंट और प्लेटफॉर्म के संचालन में हुई समस्त गलतियों पर माफी मांगने को कहा था। अब खबर आई है कि जुकरबर्ग ने निजी तौर पर भारत सरकार से माफी मांगी है।