MP पुलिस पदोन्नति सूची में बड़ी चूक, दिवंगत हो चुके दो अधिकारियों को मिला प्रमोशन
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हाल ही में जारी SI प्रमोशन लिस्ट में महीनों पहले जान गंवा चुके 2 दिवंगत अफसरों को भी प्रमोट कर दिया गया।
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी उपनिरीक्षक (SI) पदोन्नति सूची में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। बीते 20 जुलाई को जारी सूची में 2035 सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) और कार्यवाहक उपनिरीक्षकों को पदोन्नत किया गया लेकिन इसमें ऐसे दो पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल कर दिए गए जिनका साल 2025 में ही निधन हो चुका था। इस घटना ने पुलिस मुख्यालय की रिकॉर्ड अपडेट प्रक्रिया और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रमोशन सूची में आगर मालवा में पदस्थ कार्यवाहक उपनिरीक्षक जुगल किशोर सोनी का नाम 798वें स्थान पर दर्ज है। जबकि, उनका बीमारी के कारण 6 दिसंबर 2025 को निधन हो चुका था। इसी तरह 1115वें स्थान पर पन्ना जिले में पदस्थ राकेश सिंह बघेल का नाम भी शामिल किया गया, जबकि उनकी भी वर्ष 2025 में कार्डियक अरेस्ट से मृत्यु हो चुकी थी। महीनों पहले दिवंगत हो चुके अधिकारियों के नाम पदोन्नति सूची में देखकर पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी हैरान रह गए।
यह भी पढ़ें:MP में बच्चे के स्वास्थ्य से खिलवाड़, शासकीय अस्पताल में ग्लूकोज की जगह चढ़ा दी मिनरल वाटर
पुलिस मुख्यालय का दावा है कि पदोन्नति आदेश जारी करने से पहले जिला और राज्य स्तर पर सेवा अभिलेखों, दस्तावेजों और पात्रता का विस्तृत सत्यापन किया जाता है। यह प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों और मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत पूरी की जाती है। इसके बावजूद दिवंगत अधिकारियों के नाम सूची में शामिल होना इस पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। जानकारों का मानना है कि जिला स्तर से भेजे गए रिकॉर्ड और मुख्यालय के डेटा में समन्वय की कमी इस चूक की प्रमुख वजह हो सकती है।
आगर मालवा के पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने बताया कि कार्यवाहक उपनिरीक्षक जुगल किशोर सोनी के निधन के तुरंत बाद संबंधित कार्यालय को इसकी सूचना भेज दी गई थी। उनके अनुसार, पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय स्तर पर संचालित होती है। अब इस गलती की जानकारी दोबारा मुख्यालय को भेज दी गई है और रिकॉर्ड अपडेट कराने के लिए बातचीत की जा रही है।
यह भी पढ़ें:MP: अब AI से मिनटों में होगी ओरल कैंसर की पहचान, गांधी मेडिकल कॉलेज ने बनाई स्क्रीनिंग तकनीक




