CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ MP कांग्रेस का प्रदर्शन, इंदौर में कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतला

मध्यप्रदेश में मतदाता सूची (SIR) में धांधली के खिलाफ कांग्रेस ने बुधवार को सभी जिलों में उग्र प्रदर्शन किया। कलेक्टोरेट घेराव के दौरान पुलिस से तीखी झड़प हुई और पुतले जलाए गए। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में 43 लाख वोट काटे गए।

Updated: Sep 30, 2026, 02:21 PM IST

मध्यप्रदेश में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर कलेक्टोरेट का घेराव किया और ज्ञापन सौंपे। पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।

इंदौर में कलेक्टोरेट के बाहर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। वहां पुलिस बल की तैनाती पहले से बढ़ाई गई थी। विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला भी जलाया। वहीं, ग्वालियर में प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ते हुए बैरिकेड्स तोड़कर परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें रोकने की कोशिश की।

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इंदौर में कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ज्ञानेश कुमार को पद से नहीं हटाया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे थे लेकिन पुलिस उनके साथ धक्कामुक्की कर रही है और लाठी चला रही है। चौकसे ने पुलिस प्रशासन पर भाजपा के एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे कांग्रेस और जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

चौकसे ने ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर कई सवाल उठे हैं और उन पर भाजपा के पक्ष में काम करने के आरोप हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में ज्ञानेश कुमार को अदालत और जनता दोनों जवाब देंगे। उन्होंने कांग्रेस के आंदोलन को देशभर में जारी रखने की बात भी कही।

रतलाम में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथ ठेले पर ज्ञानेश कुमार का पुतला रखकर निकले। कलेक्ट्रेट की ओर मार्च के दौरान नारेबाजी की गई और बाद में पुतला दहन किया गया। मैहर में भी कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो के नारे लगाए। देवास में कांग्रेस ने भोपाल चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक ज्ञानेश कुमार की अर्थी निकाली। प्रदर्शन में एक कार्यकर्ता ने उनका मुखौटा पहन रखा था। जबकि महिला कार्यकर्ताओं ने काला साफा बांधकर विरोध जताया।

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जबलपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ रैली निकाली। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल तैनात था।

ग्वालियर में शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:30 बजे जिला न्यायालय परिसर के पास से हुई। यहां जुटे कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाचन कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट और जिला न्यायालय से आने-जाने वाले मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन्हें पार कर परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया था।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाया जाना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं।

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कांग्रेस का आरोप है कि अलग-अलग राज्यों में SIR के दौरान करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। मध्यप्रदेश को लेकर पार्टी नेताओं ने करीब 43 लाख वोट हटाए जाने का दावा किया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्य में पहले पार्टी 32 लाख वोटों से आगे थी और SIR के बाद मतदाता सूची में हुए बदलाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग भी उठाई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने नरेंद्र मोदी और भाजपा के पक्ष में काम करते हुए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। एक कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि दो पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि SIR के मुद्दे पर पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों को जनता के बीच उठाया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार 28 सितंबर को भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किया था। इसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक, पूर्व विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मार्च कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया था।

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इसके बाद कांग्रेस ने आंदोलन को जिला स्तर पर ले जाने का फैसला किया। बुधवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों के घेराव और प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा गया। यह अभियान SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पार्टी के देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है। कांग्रेस की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग भी लगातार उठाई जा रही है। पार्टी ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है।