राहुल गांधी के दौरे से पहले बालाघाट में 11 साल की बच्ची की मौत, 34 हुई मृतकों की संख्या
बालाघाट में बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। उकवा के सुंदरवाही की 11 वर्षीय सुषमा की जिला अस्पताल में मौत हो गई। क्षेत्र में बीमारियों से मौतों का आंकड़ा 34 पहुंच चुका है।
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट के बैगा आदिवासी क्षेत्रों में बीमारी से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। उकवा इलाके के सुंदरवाही गांव की 11 वर्षीय सुषमा मर्सकोले ने बुधवार रात करीब 2 बजे बालाघाट जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह करीब छह दिन से अस्पताल में भर्ती थी। उसकी मौत ऐसे समय हुई है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को प्रभावित बैगा क्षेत्रों का दौरा कर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दाहिया ने सुषमा की मौत की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, बच्ची को मलेरिया था और इलाज के दौरान संक्रमण को नियंत्रित कर लिया गया था। हालांकि, उसे दूसरी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी थीं और वह अचेत अवस्था में थी। उपचार के दौरान उसकी हालत नहीं संभल सकी और रात करीब 2 बजे उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत के बाद रात करीब ढाई बजे परिजन एंबुलेंस से शव लेकर सुंदरवाही गांव रवाना हुए। गुरुवार को गांव में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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बालाघाट के बैहर और बिरसा विकासखंड के आदिवासी बैगा बहुल क्षेत्रों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य बीमारियों को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। प्रशासन की उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन क्षेत्रों में अब तक 34 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं, बैहर से कांग्रेस विधायक संजय उइके ने मृत बच्चों की संख्या 43 होने का दावा किया है। इस तरह सरकारी आंकड़े और कांग्रेस विधायक द्वारा बताए गए आंकड़ों में अंतर है।
इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी गुरुवार को बालाघाट के प्रभावित बैगा क्षेत्र में पहुंचे हैं। वहां वे बीमारी के कारण जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। जगला गांव में ही बीमारी से चार बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है। राहुल गांधी के दौरे से पहले आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया और पूर्व विधायक हिना कांवरे भी प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुके हैं।
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