BJP में इलेक्शन नहीं, सलेक्शन होता है, नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर विपक्ष हमलावर
शिवसेना UBT ने कहा कि बीजेपी दावा करती है कि वहां चुनाव और लोकतंत्र है, लेकिन नितिन नबीन की नियुक्ति देखकर साफ है कि यह चुनाव नहीं, बल्कि चयन है।
नई दिल्ली। बीजेपी को 6 साल बाद आखिरकार नया अध्यक्ष मिल गया है। मंगलवार को नितिन नबीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। इस दौरान पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह, राजनाथ सिंह समेत तमाम दिग्गज मौजूद रहे। नितिन नबीन के पदभार संभालने के बाद विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा, 'मेरी शुभकामनाएं हैं, लेकिन आज जो सिर झुकते हुए दिखाई दे रहे हैं, वे सिर्फ सद्भावना और आशीर्वाद पाने के लिए हैं। बिहार चुनाव के समय उन्होंने सही जगह सिर झुकाया था।' इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि वहां इलेक्शन नहीं, बल्कि सलेक्शन होता है। चयन पहले ही हो चुका था। अटल-आडवाणी का दौर और बीजेपी की वह संस्कृति, जहां परंपरा हुआ करती थी, अब खत्म हो चुकी है।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने बीजेपी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, 'बीजेपी दावा करती है कि वहां चुनाव और लोकतंत्र है, लेकिन नितिन नबीन की नियुक्ति देखकर साफ है कि यह चुनाव नहीं, बल्कि चयन है। बीजेपी में जिसे पार्टी चाहती है, वही अध्यक्ष बनता है।' उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी अन्य दलों पर परिवारवाद के आरोप लगाती है, लेकिन खुद पार्टी के अंदर 'कठपुतलियां' बनाई गई हैं। अगर दो-तीन लोग भी नितिन नबीन के खिलाफ नामांकन करते और देशभर के कार्यकर्ता उनका समर्थन करते, तब हम लोकतंत्र और चुनाव की बात करते। यहां तो फैसला ऊपर से थोप दिया गया है।
बता दें कि नितिन नबीन पांच बार विधायक रह चुके हैं। साल 2006 में उन्होंने पटना वेस्ट सीट से जीत दर्ज की और उसके बाद लगातार चार बार बांकीपुर से जीत हासिल की। उन्हें मंत्री के रूप में भी अनुभव है, उन्होंने बिहार के कानून, रोडवेज और शहरी विकास विभागों की जिम्मेदारी थोड़े समय के लिए संभाली थी। पार्टी स्तर पर उनके अनुभव में BJP के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव और संगठन के बिहार इकाई के अध्यक्ष के पद शामिल हैं।




