MP: साइबर ठगी के मामले में BJP नेता गिरफ्तार, 2 फीसदी कमीशन पर उपलब्ध कराता था बैंक खाता

ग्वालियर के CA अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टो निवेश के नाम पर 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में राज्य साइबर पुलिस ने भाजपा नेता जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है।

Updated: Aug 08, 2026, 10:53 AM IST

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर हुई 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की जांच में राज्य साइबर पुलिस ने भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार मालवीय को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मालवीय के एक बैंक खाते का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के कम से कम 11 मामलों में रकम के लेन-देन के लिए किया गया। महाराष्ट्र पुलिस भी एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले में उसकी तलाश कर रही है।

राज्य साइबर पुलिस के मुताबिक, जगदीश कुमार मालवीय लंबे समय से ऐसे म्यूल अकाउंट नेटवर्क का हिस्सा था जिसमें बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता है। मामले की कड़ियां सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अलग-अलग शहरों में संभावित सहयोगियों और संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी जुटाने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं।

यह साइबर ठगी ग्वालियर निवासी अशोक विजयवर्गीय को दिव्या सिंह नाम की महिला द्वारा क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देने के बाद शुरू हुई। पुलिस के अनुसार, करीब 218 दिनों तक चले इस पूरे घटनाक्रम में विजयवर्गीय ने 76 अलग-अलग बैंक खातों में 106 बार पैसे ट्रांसफर किए थे। इन सभी लेन-देन में कुल 21.05 करोड़ रुपये की रकम चली गई। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उन्हें निवेश की रकम बढ़कर 33.10 करोड़ रुपये दिखाई गई लेकिन जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की तो निकासी नहीं हो सकी।

इसके बाद मामले की शिकायत राज्य साइबर पुलिस के नोडल थाने में की गई और 13 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने ठगी की रकम से जुड़े बैंक खातों की पड़ताल शुरू की। इसी दौरान एक ऐसे खाते का पता चला जिसमें ठगी के 50 लाख रुपये पहुंचे थे। यह बैंक खाता जगदीश कुमार मालवीय का पाया गया।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इसी खाते का इस्तेमाल पहले 11 अन्य साइबर ठगी के मामलों में पैसों के लेन-देन के लिए हो चुका था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, खाता कथित तौर पर साइबर अपराधियों के लिए रकम को आगे भेजने के काम आ रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि खाते से जुड़े लेन-देन के बदले मालवीय को प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर करीब दो प्रतिशत कमीशन मिलता था।

जिस बैंक खाते की जांच की जा रही है वह सर्व कल्याण अनुसूचित जाति-जनजाति संगठन के नाम से संचालित था। पुलिस के अनुसार, जगदीश मालवीय साल 2014 में इस संगठन से जुड़ा था और बाद में इसका अध्यक्ष बन गया। अध्यक्ष बनने के बाद उसने बैंक खाते के संचालन के अधिकार अपने पास ले लिए। आरोप है कि इसके बाद उसने यह खाता साइबर ठगी से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करा दिया।

पुलिस ने बताया कि इस खाते में लेन-देन का सिलसिला लगातार जारी था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तारी से पहले के करीब डेढ़ महीने में ही खाते से तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ। इसी दौरान आरोपी के विदेश यात्रा करने की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली है। पुलिस अब इन यात्राओं और बैंक लेन-देन के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।

जांच में यह भी पता चला है कि ग्वालियर के CA से ठगी गई रकम में से खाते में पहुंचे 50 लाख रुपये बाद में सागर जिले के कुछ अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। इन खातों के धारकों और उनके संभावित संपर्कों का पता लगाने के लिए साइबर पुलिस की एक टीम आरोपी को साथ लेकर सागर पहुंची है।

राज्य साइबर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि म्यूल अकाउंट के इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं, ठगी की रकम किन-किन खातों में भेजी गई और देश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आए साइबर अपराधों से इसका क्या संबंध है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ तथा बैंकिंग ट्रेल के आधार पर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के सामने आने की संभावना है।