भारत और EU के बीच ऐतिहासिक फ्री-ट्रेड डील का ऐलान, प्रीमियम शराब और इम्पोर्टेड लग्जरी कारें सस्ती होंगी

इस डील के बाद भारत में यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया जाएगा। इसके अलावा भारत में यूरोप से आने वाली शराब और वाइन पर टैक्स कम हो सकता है।

Updated: Jan 27, 2026, 02:16 PM IST

नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील का ऐलान हो गया है। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय संघ ने दुनिया के सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे वैश्विक व्यापार का नया सवेरा बताया है। यह समझौता भारत को 27 देशों से जोड़ेगा और निवेश के बड़े अवसर खोलेगा।

भारत और यूरोपीय यूनियन के नेताओं ने 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया। इस डील से भारतीय उपभोक्ताओं के लिए लग्जरी कारों से लेकर विदेशी वाइन तक काफी कुछ सस्ता हो जाएगा। इस डील के बाद भारत में यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया जाएगा।

यूरोपीय वाइन और व्हिस्की पर फिलहाल 100-125% तक टैक्स लगता है। इस ऐतिहासिक डील के बाद फ्रांस, इटली और स्पेन की मशहूर वाइन पर टैक्स भारी कटौती के साथ कम होगा। अब विदेशी प्रीमियम ब्रांड्स का स्वाद चखना आम लोगों की जेब पर भारी नहीं पड़ेगा। यूरोप अपनी अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के लिए जाना जाता है। इस समझौते से कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की विदेशी दवाएं (Pharma) और आधुनिक मेडिकल मशीनरी सस्ती होंगी। इसके अलावा, भारत की जेनेरिक दवाओं के लिए यूरोप के 27 देशों के बाजार खुल जाएंगे।

हवाई विमान के पुर्जे, मोबाइल पार्ट्स और हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर टैरिफ खत्म होने से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग की लागत घटेगी। इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को कम कीमतों के रूप में मिलेगा। यानी आम उपभोक्ताओं लिए मोबाइल और अन्‍य इलेक्‍ट्रॉनिक सामान खरीदना सस्‍ता हो सकता है।

लोहे, स्टील और केमिकल उत्पादों पर शून्य (Zero) टैरिफ का प्रस्ताव है। इससे कंस्ट्रक्शन और इंडस्ट्रियल सेक्टर में कच्चे माल की कीमतें गिरेंगी, जिससे घर बनाना या औद्योगिक सामान खरीदना सस्ता हो सकता है। यह डील सिर्फ सामान सस्ता नहीं करेगी, बल्कि भारतीय कपड़ा (Garments), लेदर और हीरे-जवाहरात के कारोबारियों के लिए यूरोप का विशाल बाजार खोल देगी। भारतीय कपड़ों पर लगने वाली ड्यूटी खत्म होने से बांग्लादेश और वियतनाम को पीछे छोड़ भारत नंबर 1 बन सकता है।

यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने खुद को प्रवासी भारतीय बताया। उन्होंने कहा कि मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूं, लेकिन साथ ही मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं। इसलिए, जैसा आप समझ सकते हैं, मेरे लिए इसका एक खास भावनात्मक मतलब है। मुझे अपनी गोवा से जुड़ी पहचान पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया है। यूरोप और भारत के बीच का रिश्ता मेरे लिए सिर्फ आधिकारिक नहीं, बल्कि निजी भी है। इससे पहले पीएम मोदी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि भारत और EU के बीच FTA पर सहमति बन गई है। दुनियाभर में इसकी चर्चा मदर ऑफ आल डील के नाम से हो रही है।