शेयर बाजार 1000 अंक गिरकर संभला, सेंसेक्स 82,000 पर आया, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में बिकवाली

भारतीय शेयर बाजारों ने बुधवार 21 जनवरी को शुरुआती तेज गिरावट के बाद शानदार वापसी की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में आ गए।

Updated: Jan 21, 2026, 02:22 PM IST

मुंबई। भारतीय शेयर बाजारों ने बुधवार 21 जनवरी को शुरुआती तेज गिरावट के बाद शानदार वापसी की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में आ गए। सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से करीब 1,100 अंकों की छलांग लगाई। वहीं निफ्टी दोबारा एक बार फिर 25,300 के पास पहुंच गया। निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग से शेयर बाजार को अपने नुकसान की पूरी भरपाई होने में मदद मिली।

इससे पहले सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 1,056.02 दिन के निचले स्तर 81,124.45 तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 312.7 अंक का गोता लगाकर 24,919.80 के स्तर तक चला गया था। पिछले चार महीने से ज्यादा समय में पहली बार निफ्टी 25,000 के नीचे फिसला था।

लेकिन दोपहर बाद बाजार में अचानक तस्वीर बदल गई। निचले स्तरों पर खरीदारी होने से शेयर बाजार ने सरपट रफ्तार पकड़ी। दोपहर करीब 12.45 बजे, सेंसेक्स दिन के लो से करीब 1,000 पॉइंट्स उछलकर, 160 अंक या 0.20 फीसदी की तेजी के साथ 82,340.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 60.15 अंक या 0.24 फीसदी की बढ़त के साथ 25,292.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

मंगलवार को बाजार में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी को तरजीह दी। एक दिन पहले सेंसेक्स और निफ्टी क्रमशः करीब 1.3% और 1.4% टूटे थे, जो पिछले 8 महीनों की सबसे बड़ी इट्राडे गिरावट थी। आज शुरुआती कारोबार में भी यह गिरावट जारी रही, जिससे कई निवेशकों को मौजूदा स्तर निवेश के लिए आकर्षक लगा। इसके चलते कई चुनिंदा शेयरों, खासतौर से लार्जकैप शेयरों में खरीदारी दिखी।

बैंकिंग शेयरों में भी गिरावट कुछ हद तक थमती दिखी। बैंक निफ्टी इंडेक्स ने अपने इंट्राडे लो से 300 से ज्यादा अंकों की रिकवरी की। जबकि एक दिन पहले मंगलवार को इसमें करीब 1,000 अंक की गिरावट आई थी। हालांकि रिकवरी के बावजूद इंडेक्स में शामिल सभी शेयर अभी भी लाल निशान में ही रहे। ICICI बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे शेयरों में 2% से ज्यादा की गिरावट बनी रही। सुबह 11:25 बजे बैंक निफ्टी इंडेक्स करीब 1.4% फीसदी की गिरावट के सात 58,576 के स्तर पर था।

अमेरिकी शेयर बाजारों में पिछली रात भारी बिकवाली के बाद बुधवार को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में हल्की तेजी देखी गई, जिससे भारतीय बाजार को कुछ राहत के संकेत मिले। S&P 500 फ्यूचर्स करीब 0.3% और डाउ जोन्स फ्यूचर्स लगभग 0.2% तक चढ़ गए, जिसने निवेशकों के मनोबल को कुछ हद तक संभाला।

ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी बाजार के लिए सहायक रही। ब्रेंट क्रूड का भाव बुधवार को 1.11% गिरकर 64.19 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए क्रूड के दाम में गिरावट से महंगाई का दबाव कम होता है और इससे इंपोर्ट बिल को भी कम करने में मदद करती हैं।