अमेरिका में तबाही मचा रहा बर्फीला तूफान, 13 हजार उड़ानें कैंसिल, कई राज्यों में आपातकाल

अमेरिका में भीषण बर्फीले तूफान की वजह से 14 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 13 हजार उड़ानें रद्द की गई हैं। बिजली और यातायात सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई राज्यों में आपातकाल की घोषणा की गई है।

Updated: Jan 25, 2026, 10:52 AM IST

Representative Image: Courtesy- NDTV
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अमेरिका इस समय एक बेहद तेज बर्फीले तूफान की चपेट में है, जिससे कई राज्यों में आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई है। विंटर स्टॉर्म 'फर्न' की वजह से शनिवार को करीब 4,000 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि रविवार की 8,800 से ज्यादा उड़ानें पहले ही रद्द हो चुकी हैं। यानी करीब 13 हजार उड़ानें रद्द हुईं हैं। यह जानकारी फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटअवेयर ने दी है।

तूफान का असर दक्षिणी राज्य टेक्सास तक पहुंच गया है, जहां हजारों घरों की बिजली गुल हो गई। वहीं अमेरिका के पूर्वी हिस्सों में भारी बर्फबारी, ओले और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। खराब मौसम के चलते यात्रा, सड़क यातायात और रोजमर्रा की गतिविधियों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।

अमेरिका की बड़ी एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों से सतर्क रहने को कहा है। डेल्टा एयरलाइंस ने बताया कि तूफान के कारण उड़ानों के समय में लगातार बदलाव हो रहे हैं। अटलांटा और पूर्वी तट के कई शहरों जैसे न्यूयॉर्क और बोस्टन में अतिरिक्त उड़ानें रद्द की गई हैं। डेल्टा एयरलाइंस ने यह भी कहा कि उसने दक्षिणी हवाई अड्डों पर बर्फ हटाने और सामान संभालने के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं।

वहीं बिजली आपूर्ति संभालने वाली एजेंसियां भी बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट से बचने की तैयारी में जुटी हैं। डोमिनियन एनर्जी ने चेतावनी दी है कि अगर हालात और बिगड़े, तो यह तूफान उनके इतिहास के सबसे गंभीर सर्दी के तूफानों में शामिल हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में अमेरिका के पूर्वी दो-तिहाई हिस्से में बेहद ठंड, बर्फ और बर्फीली बारिश देखने को मिल सकती है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तूफान को 'ऐतिहासिक' बताया है और साउथ कैरोलिना, वर्जीनिया, टेनेसी, जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना और मैरीलैंड समेत कई राज्यों में फेडरल इमरजेंसी की मंजूरी दे दी है। उन्होंने लोगों से घरों में रहने और खुद को सुरक्षित रखने की अपील की है। वहीं, नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में तापमान बेहद कम रहेगा और बर्फ जल्दी नहीं पिघलेगी। जिससे राहत और बहाली के कार्यों में देरी होगी।