MP सरकार आज लेगी 5800 करोड़ का कर्ज, 5.06 लाख करोड़ के पार पहुंची कुल देनदारी
इन नए कर्जे के साथ चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कुल कर्ज का आंकड़ा बढ़कर करीब 84,900 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। वहीं प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर लगभग 5 लाख 6 हजार 640 करोड़ रुपए हो जाएगी।
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने का फैसला किया है। होली के आसपास 6300 करोड़ रुपए की उधारी लेने के बाद अब राज्य सरकार मंगलवार को तीन नए कर्ज लेने जा रही है। इन कर्जों की कुल राशि 5800 करोड़ रुपए है। इन नए कर्जे के साथ चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कुल कर्ज का आंकड़ा बढ़कर करीब 84,900 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। वहीं प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर लगभग 5 लाख 6 हजार 640 करोड़ रुपए हो जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे 5800 करोड़ रुपए के कर्ज को अलग-अलग अवधि के बॉन्ड के माध्यम से जुटाया जाएगा। इसमें 1900 करोड़ रुपए का कर्ज 10 साल के लिए लिया जा रहा है, 1700 करोड़ रुपए का कर्ज 14 साल और 2200 करोड़ रुपए का कर्ज 21 साल की अवधि के लिए लिया जाएगा। वहीं इन बॉन्ड की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के जरिए की जाएगी।
बता दें कि होली से एक दिन पहले भी राज्य सरकार ने चार अलग-अलग अवधि के कर्ज लेकर कुल 6300 करोड़ रुपए जुटाए थे। वित्त विभाग के नोटिफिकेशन के अनुसार 1800 करोड़ रुपए का कर्ज 9 साल, 1600 करोड़ रुपए का कर्ज 13 साल, 1300 करोड़ रुपए का कर्ज 15 साल और 1600 करोड़ रुपए का कर्ज 23 साल की अवधि के लिए लिया गया था। एक ही दिन में ली गई यह उधारी चालू वित्त वर्ष की सबसे बड़ी मानी गई।
मंगलवार को मध्य प्रदेश सहित कई राज्य सरकारें बॉन्ड के माध्यम से बाजार से बड़ी राशि उधार लेने वाली हैं। जानकारी के मुताबिक, इस दिन कुल 45,960 करोड़ रुपए के बॉन्ड की नीलामी होगी। इसमें कर्नाटक लगभग 10 हजार करोड़ रुपए और तमिलनाडु करीब 8 हजार करोड़ रुपए का कर्ज उठाएगा। राज्यों द्वारा इस तरह की उधारी आमतौर पर विकास योजनाओं और बजट संतुलन के लिए की जाती है।




