अमेरिका में तेलंगाना के युवक की गोली मारकर हत्या, फर्जी पिज्जा ऑर्डर देकर अज्ञात हमलावरों ने फंसाया

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में तेलंगाना के 28 वर्षीय अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार का आरोप है कि फर्जी पिज्जा ऑर्डर देकर उन्हें सुनसान जगह बुलाया गया और साजिश के तहत हमला किया गया।

Updated: Jun 07, 2026, 08:52 PM IST

अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में भारतीय मूल के 28 वर्षीय युवक अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अंशुल को एक पिज्जा डिलीवरी के बहाने सुनसान स्थान पर बुलाया गया था। वहां अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस हत्या के मामले की जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश जारी है।

अंशुल मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले थे और अमेरिका में डेटा एनालिटिक्स क्षेत्र में कार्यरत थे। परिवार के मुताबिक, अच्छी नौकरी होने के बावजूद वह अतिरिक्त आय के लिए सप्ताहांत में पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे। शनिवार देर रात उन्हें फिलाडेल्फिया के रेमंड रोसेन होम्स हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के एक पते पर पिज्जा पहुंचाने का ऑर्डर मिला था। जब वह बताए गए स्थान पर पहुंचे तो वहां कोई ग्राहक मौजूद नहीं था। इसी दौरान दो अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया और उनके सिर में कई गोलियां मार दी।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी के सीसीटीवी कैमरों में अंशुल पिज्जा लेकर जाते हुए दिखाई दिए हैं। फुटेज में उनके पीछे काले कपड़े और बैकपैक पहने दो व्यक्ति भी नजर आए हैं। जांच एजेंसियां इन्हीं सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, वीडियो फुटेज अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

मृतक की बहन तन्वी ने इस घटना को पूर्व नियोजित साजिश बताया है। उनका कहना है कि जिस पते पर अंशुल को बुलाया गया था वहां कोई ग्राहक नहीं था और बाद में पता चला कि ऑर्डर फर्जी था। परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने जानबूझकर उन्हें वहां बुलाया और हत्या को अंजाम दिया। उनका कहना है कि अंशुल के पास मौजूद मोबाइल फोन, पर्स और अन्य सामान सुरक्षित मिले हैं। जिससे लूटपाट की आशंका कमजोर पड़ती है।

परिवार ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से अंशुल का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने में मदद की अपील की है। तन्वी ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों ने सोमवार तक शव सौंपने की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी है लेकिन परिवार चाहता है कि अंतिम संस्कार के लिए यह प्रक्रिया जल्द पूरी हो। साथ ही उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग भी की है।

मीडिया से बातचीत के दौरान तन्वी ने बताया कि अंशुल शुरू में अमेरिका नहीं जाना चाहते थे लेकिन परिवार के प्रोत्साहन पर उन्होंने उच्च शिक्षा और बेहतर करियर के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने कड़ी मेहनत से पढ़ाई की, नौकरी हासिल की और भविष्य संवारने का प्रयास किया लेकिन अब वह परिवार के बीच नहीं हैं।

परिवार के अनुसार, कुछ समय पहले भी अंशुल अमेरिका में लूटपाट की घटना का शिकार हुए थे। उस दौरान बदमाश उनका मोबाइल फोन, सोने की चेन और नकदी लेकर फरार हो गए थे। हालांकि  तब उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं पहुंची थी।

अंशुल ने हैदराबाद के चैतन्य भारती इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए और पेनसिल्वेनिया स्थित ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी के लेबो कॉलेज ऑफ बिजनेस से बिजनेस एनालिटिक्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान उन्हें लेबो एलुमनी मेरिट स्कॉलरशिप भी मिली थी।

अपने पेशेवर जीवन में अंशुल ने अमेरिका में डेटा एनालिटिक्स क्षेत्र में काम किया। इससे पहले भारत में वह अमेजन में सीनियर प्रोडक्ट कंप्लायंस एनालिस्ट, जियो प्लेटफॉर्म्स में ऑपरेशंस एनालिस्ट और ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे।

अंशुल की मौत पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने गहरा शोक व्यक्त किया है। दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय प्रशासन और परिवार के संपर्क में है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस घटना के बाद अमेरिका में रह रहे तेलुगु समुदाय और तेलंगाना के उनके पैतृक गांव गुंडलापोचमपल्ली में शोक की लहर है। परिजन, मित्र और स्थानीय लोग अंशुल को मेहनती, मिलनसार और सकारात्मक सोच वाला युवा बता रहे हैं।

फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सभी पहलुओं पर जांच जारी है।