धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समझौता नहीं, सरकार ने कल तक का समय मांगा: CJP
CJP प्रवक्ताओं ने कहा कि हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। सरकार ने मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने पर सहमति जताई।
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बैठक हुई। इस बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह और CJP की तरफ से प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल हुए।बैठक के बाद CJP के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे।
बैठक के उपरांत CJP प्रवक्ताओं ने कहा, 'हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। सरकार ने मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने पर सहमति जताई है।' वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि दो घंटे की बातचीत में CJP ने सरकार के सामने 3 प्रमुख मांगें और परीक्षा प्रणाली में सुधार के 5 सुझाव रखे हैं। हमनें ने इस पर विचार करने के लिए कल तक का समय मांगा है।
केंद्र सरकार ने CJP के प्रवक्ताओं को कल फिर से 3:30 बजे मिलने बुलाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर अगले 2-3 दिन में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ तो, CJP फिर से 20 जुलाई जैसा मार्च कर सकती है। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पेपर लीक के बाद से अभी तक हुए सुधारों की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने केंद्र से अब तक मामले में हुई जांच के बारे में बताने के लिए भी कहा।
वहीं, DMRC ने दिल्ली में अगले आदेश तक नई दिल्ली समेत 18 मेट्रो स्टेशन बंद करने का आदेश दिया है। इन स्टेशनों से कोई भी व्यक्ति अंदर या बाहर नहीं जा सकता। इतना ही नहीं, DMRC ने कहा है कि इन 18 स्टेशनों पर अब इंटरचेंज भी नहीं किया जा सकेगा।
उधर, दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को उस PIL पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें NEET- पेपर लीक और उससे जुड़े मुद्दों के विरोध में 20 जुलाई को संसद तक 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के मार्च की NIA से जांच कराने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा कि किसी मामले की जांच NIA को सौंपना केंद्र सरकार का काम है, न कि कोर्ट का।




