जम्मू कश्मीर में सड़क हादसे में मंदसौर निवासी CRPF जवान की मौत, छुट्टी लेकर घर लौट रहा था जवान
मंदसौर के बानियाखेड़ी निवासी CRPF जवान मुकेश प्रजापति की जम्मू के उधमपुर में भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे का शिकार हुआ जवान छुट्टी लेकर घर लौट रहा था।
मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के ग्राम बानियाखेड़ी निवासी सीआरपीएफ जवान में पदस्थ मुकेश कुमार प्रजापति (45) की जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दर्दनाक दुर्घटना मंगलवार को जम्मू–श्रीनगर नेशनल हाईवे पर हुई। उस दौरान जवान छुट्टी लेकर बस से अपने घर लौट रहा था। इस हादसे में जवान समेत कुल चार लोगों की जान गई है। जबकि, हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उधमपुर जिले के जखानी चेनानी क्षेत्र के पास हुई। सड़क किनारे मरम्मत के लिए खड़े एक मालवाहक वाहन को तेज रफ्तार यात्री बस ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस की चपेट में एक बाइक भी आ गई। हादसे के समय बस में सवार सीआरपीएफ जवान मुकेश प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य मृतकों में उधमपुर और बटोटे क्षेत्र के स्थानीय नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें:इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 30वीं मौत, 62 वर्षीय लक्ष्मी रजक ने तोड़ा दम
मुकेश प्रजापति सीआरपीएफ में करीब 20 सालों से सेवा दे रहे थे। वे हाल ही में छुट्टी लेकर अपने गांव लौट रहे थे। हादसे की खबर जैसे ही उनके गांव बानियाखेड़ी पहुंची वैसे ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जवान के परिवार में कुछ ही समय पहले खुशियों का माहौल था। बीते नवंबर महीने में उनके दोनों बेटों शुभम और गुलशन का विवाह हुआ था। अब उसी घर में मातम पसरा हुआ है।
परिवार में जवान की पत्नी संतोष बाई के अलावा बुजुर्ग माता-पिता हैं। परिजनों के अनुसार, माता-पिता को अभी तक हादसे की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। बड़े पिता रामगोपाल प्रजापति सहित अन्य रिश्तेदार मुकेश की मौत से गहरे सदमे में हैं। गांव में हर आंख नम है और लोग शहीद जवान को याद कर भावुक हो रहे हैं।
यह भी पढ़ें:मैहर में शासकीय स्कूल की शर्मनाक तस्वीर, गणतंत्र दिवस पर रद्दी कागज पर परोसा गया मिड डे मील
शहीद जवान का पार्थिव शरीर हवाई रास्ते से राजस्थान के उदयपुर लाया जाएगा। वहां से बुधवार शाम तक पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बानियाखेड़ी पहुंचेगी। प्रशासन और पुलिस के समन्वय से गुरुवार सुबह राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम विदाई के लिए ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।




