अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह का तबादला, आनंदपुर धाम ट्रस्ट से रिश्वत मांगने की हुई थी शिकायत

मध्य प्रदेश सरकार ने अशोनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को हटा दिया है। उनकी जगह साकेत मालवीय को जिले की कमान सौंपी गई है।

Updated: Jan 22, 2026, 06:26 PM IST

अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में रिश्वत मांगने के आरोप में कलेक्टर को हटा दिया गया है। राज्य शासन ने कलेक्टर आदित्य सिंह को अशोकनगर से तबादला कर उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास संचालक बना दिया है। उनकी जगह कर्मचारी चयन मंडल के संचालक साकेत मालवीय को अशोकनगर का कलेक्टर बनाया गया है।

दरअसल, आदित्य सिंह के खिलाफ आनंदपुर धाम ट्रस्ट की शिकायत पर कार्रवाई की गई थी। आरोप है कि ट्रस्ट से तीन करोड़ रुपये की कथित तौर पर मांग की गई। यह मामला ट्रस्ट की अचल संपत्ति के नामांतरण आवेदन से संबंधित बताया जा रहा है। ट्रस्ट ने इस मामले में भाजपा के दिल्ली कार्यालय और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन के पास शिकायत भेजी थी। 

दिलचस्प बात यह है कि बुधवार दिन में ही कलेक्टर आदित्य सिंह को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए 25 जनवरी को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनका समर्थन भी किया था। बुधवार को उनके समर्थन में एक आमसभा करने की भी तैयारी चल रही थी, लेकिन रात होते-होते उनके तबादले का आदेश आ गया।

इससे पहले कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के मध्य प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि आनंदपुर धाम में सालों से अवैध गतिविधियां चल रही हैं। यहां युवकों का यौन शोषण किया जा रहा है। देह व्यापार का संगठित रैकेट चलाया रहा है। इसके वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। अहिरवार ने कहा था कि IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से हजारों करोड़ के काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं।

अशोकनगर कलेक्टर के हटाए जाने पर प्रदीप अहिरवार ने कहा कि सिर्फ कलेक्टर को हटा देने से पाप कम नहीं हो जाते। आनंदपुर धाम पर मानव तस्करी से लेकर सेक्स रैकेट चलाने तक के आरोप हैं। हमें यह भी जानकारी मिली है कि यहां बड़े पैमाने पर गौ हत्या हो रही है। दलित और आदिवासियों के जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया है। हमारी मांग है कि सीएम मोहन यादव उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित करें। ताकि आनंदपुर धाम की काली सच्चाई सामने आ सके।