दतिया विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त, देर रात सचिवालय से जारी हुआ आदेश
गुरुवार रात प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे और सचिवालय खोलकर सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सचिवालय पहुंचे और इसका विरोध किया।
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्या को समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। दरअसल एक 27 साल पुराने मामले में राजेंद्र भारती को दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई थी। उन्हें जमानत भी मिल गई थी बावजूद विधानसभा सचिवालय द्वारा देर रात उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई।
गुरुवार देर रात रात करीब साढ़े दस बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे। इसके बाद सचिवालय खोलकर भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत अन्य नेता मौके पहुंचे और विरोध भी किया। वे सीधे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के चैंबर में पहुंचे और पूछा कि इतनी रात में विधानसभा क्यों खोली गई?
शर्मा बिना कोई जवाब दिए वहां से निकल गए। इसके बाद पटवारी ने आरोप लगाया कि भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया। यह नियमों के खिलाफ है। बता दें कि दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार सुबह 11 बजे भारती को सजा सुनाने की प्रक्रिया शुरू की और दोपहर 12:41 बजे 3 साल की सजा का फैसला सार्वजनिक हुआ। हालांकि, कोर्ट ने अपील के लिए 60 दिन की मोहलत देते हुए सजा निलंबित रखी है।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर विधायकी स्वत: जा सकती है। दतिया विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा हुई है। सीट खाली होने पर उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। हालांकि, हाईकोर्ट से सजा पर स्टे मिलने पर राहत संभव है। अब सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि जब कोर्ट ने उन्हें अपील के मोहलत दी थी तो उनकी सदस्यता क्यों समाप्त की गई? कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।
मामले पर कांग्रेस नेता अरुण यादव ने कहा, 'वाह रे मप्र विधानसभा की न्याय व्यवस्था। पिछले कार्यकाल के दौरान भाजपा में गए सचिन बिरला और इस कार्यकाल निर्मला सप्रे के मामले में सालों तक कोई कार्रवाई नहीं होती। लेकिन अब जैसे ही राज्यसभा चुनाव नज़दीक आता है, कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा और राजेंद्र भारती जी पर रात में विधानसभा सचिवालय खोलकर बिजली की रफ्तार से कार्रवाई हो जाती है। क्या विधानसभा का कानून अब न्याय से नहीं, बल्कि सत्ता के इशारों से चलेगा? जब कोर्ट ने ही राजेंद्र भारती जी को 60 दिन की अपील का समय दिया है, तो यह जल्दबाज़ी क्यों? यह लोकतंत्र का गला घोंटने का कार्य किया है।'




