गेहूं उपार्जन में साइबर फ्रॉड के शिकार हुए किसानों को मुआवजा दे सरकार: कमलनाथ

कमलनाथ ने कहा कि भाजपा रात-दिन किसान सम्मान निधि का ढोल पीटती रहती है, लेकिन सच्चाई यह है कि मध्य प्रदेश में एक साल के अंदर किसान सम्मान निधि योजना से 3 लाख से ज़्यादा किसान कम हो गए हैं।

Updated: May 21, 2026, 03:27 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कृषि नीति को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं उपार्जन में साइबर फ्रॉड के शिकार हुए किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में किसान सम्मान निधि योजना से 3 लाख से अधिक किसानों के नाम काट दिए गए। उन्होंने इन किसानों को तत्काल योजना से जोड़े जाने की भी मांग की है।

कमलनाथ ने गुरुवार को बयान जारी कर कहा कि भाजपा सरकार में हर तरह से किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। पहली रिपोर्ट तो यह आई है कि किसान सम्मान निधि योजना से 3 लाख से अधिक किसानों के नाम काट दिए गए हैं। दूसरी रिपोर्ट यह है कि शिवपुरी जिले में किसानों को सरकारी गेहूँ ख़रीद का जो भुगतान किया गया है, वह किसानों के खातों में न आकर संदिग्ध खातों में पहुँच गया है। इस तरह बड़ी संख्या में किसान साइबर फ्रॉड के शिकार हुए हैं। 
कमलनाथ ने आगे कहा कि भाजपा रात-दिन किसान सम्मान निधि का ढोल पीटती रहती है, लेकिन सच्चाई यह है कि मध्य प्रदेश में एक साल के अंदर किसान सम्मान निधि योजना से 3 लाख से ज़्यादा किसान कम हो गए हैं। वर्ष 2024-25 में जहाँ 86.49 लाख किसानों को योजना का लाभ मिल रहा था, वहीं वर्ष 2025-26 में लाभार्थियों की संख्या घटकर 83.01 लाख रह गई है। इस तरह गुपचुप तरीके से 3 लाख से अधिक किसानों को योजना से बाहर कर दिया गया।

कमलनाथ ने आगे कहा कि 80,000 से अधिक किसानों की E-KYC लंबित है जबकि 1.87 लाख किसानों के खाते आधार से लिंक नहीं हैं। इन किसानों के खाते में भी किश्त नहीं आ रही है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि किसानों को परेशान करने के बजाय सभी पात्र किसानों को तत्काल राशि जारी की जाए।

साथ ही शिवपुरी में किसानों के खाते में एमएसपी पर बेचे गए गेहूँ का पैसा न आने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कमलनाथ ने कहा कि साइबर फ्रॉड से सख्ती से निपटने की जरूरत है। किसान साल भर मेहनत करके फसल उगता है और फसल की कीमत साइबर ठग उड़ा ले जाते हैं। इस मामले की गहन जाँच होनी चाहिए और पीड़ित किसानों को तुरंत पूरा मुआवजा मिलना चाहिए।