जी भाईसाहब जी: संघ पदाधिकारी ने कहा, सॉरी टू से, गई भैंस पानी में
MP Politics: बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अनेक तरह से विवेचना हो रही है। इन समीक्षाओं में आरएसएस से जुड़े हरिहर शर्मा की एक टिप्पणी चर्चा में है। पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा है कि नई घोषित राष्ट्रीय टीम में शामिल मध्य प्रदेश से जिताऊ चेहरे कितने हैं?
भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम घोषित कर दी गई है। अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में मध्य प्रदेश से छह नाम शामिल किए गए हैं। नई टीम में मध्यप्रदेश से लालसिंह आर्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, गजेंद्र सिंह पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री, कविता पाटीदार को राष्ट्रीय मंत्री का पदभार सौंपा गया है। वहीं, विष्णुदत्त शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक, बंशीलाल गुर्जर को भाजपा किसान मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आशीष उषा अग्रवाल को मीडिया सह संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बनाए गए तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी बनाया गया है। विदिशा के रहने वाले सौदान सिंह को भी टीम में शामिल किया गया है।
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद कई अरमान मायूस हो गए हैं। इस सूची से प्रदेश के सारे बड़े नाम गायब हैं जिनकी केंद्रीय टीम में जाने की अटकलें थीं। अब ये नेता और इनके समर्थक मोदी कैबिनेट के विस्तार पर आस लगाए बैठ गए हैं। इस बीच बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अनेक तरह से विवेचना हो रही है। इन समीक्षाओं में आरएसएस से जुड़े हरिहर शर्मा की एक टिप्पणी चर्चा में है। पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा है कि नई घोषित राष्ट्रीय टीम में शामिल मध्य प्रदेश से जिताऊ चेहरे कितने हैं?
सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा है कि सॉरी टू से, खोदा पहाड़ निकली छिपकली की पूंछ। एक संस्मरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने लिखा है क किसी कारणवश भोपाल संघ कार्यालय गया हुआ था, तभी एक सज्जन वहां पहुंचे। उन्हें देखते ही कार्यालय प्रमुखजी ने उलाहना दिया, सुबह से फोन लगा रहे थे, लगातार बंद आ रहा था, अंत में सन्देश वाहक को भेजना पड़ा। सज्जन का जवाब शानदार था। वे बोले, मैं रात को दस बजे से सुबह दस बजे तक मोबाइल स्विच ऑफ़ रखता हूं। आखिर विश्राम भी तो जरुरी है। कार्यालय प्रमुख जी ने कहा, चलो जागने के बाद तो चालू कर लेना चाहिए। क्या दस बजे तक सोते हो? उत्तर मिला, नहीं, जाग तो पांच बजे जाता हूँ, किन्तु फिर घूमने जाता हूं. बगीचे में पालतू कुत्ते के साथ खेलता हूं।
आज उन सज्जन को राष्ट्रीय टीम में देखकर मुझे सत्तर के दशक का एक और संस्मरण याद आ रहा है। एक व्यापारी मित्र को ग्वालियर पुलिस किसी गलतफहमी में रात को दस बजे शिवपुरी में उनके आवास से पकड़ ले गई। ज्ञात होने पर हम लोगों ने रात लगभग बारह बजे, अंचल के सर्वमान्य नेता शेजवलकर जी को फोन लगाया। फोन उठा भी, चर्चा भी हुई। पंद्रह मिनिट बाद रिटर्न कॉल आया। हमें बताया गया कि चीनर नामक छोटे से कस्बे की पुलिस उन्हें गलती से ले गई है। जाकर ले आओ। स्पष्ट था कि आधी रात को ही शेजवलकर जी ने उच्च अधिकारियों से बात कर कार्यकर्ता को पुलिस प्रताड़ना से बचा लिया था। उस कालजयी नेतृत्व की पुण्याई से सत्ता का लुत्फ उठा रहे आज के आराम तलब नेता, कब तक सत्ता को और उससे बढकर विचार को सुरक्षित रख सकेंगे? क्या यही यक्ष प्रश्न आप भी सोच रहे हैँ? आशा की जानी चाहिए कि मंत्रिमण्डल फेरबदल में योग्य नेतृत्व मध्य प्रदेश को प्राप्त होगा। अन्यथा तो गई भैंस पानी में।
हरिहर शर्मा का यह क्हना भी मायने रखता है कि कई बार तो लगता है कि मध्य प्रदेश को जानबूझकर साजिशन नेतृत्व शून्य किया जा रहा है। जबकि यहाँ का संगठन भारत के किसी भी अन्य प्रदेश से श्रेष्ठतर है। इस टिप्पणी के बाद यह महसूस हुआ कि ये सवाल किसी एक कार्यकर्ता के नहीं, सबके भीतर उठ रही प्रतिक्रिया हो सकती है।
बीजेपी पदाधिकारियों ने कहा, हम तो कांग्रेसी
एक तरफ बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की चर्चा है तो दूसरी तरह आलीराजपुर बीजेपी की एक सूची विवाद से घिर गई। बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा में प्रदीप गोजा को आलीराजपुर मंडल अध्यक्ष और सुजीत चौहान को नानपुर ग्रामीण मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इस घोषणा के बाद दोनों नेताओं ने स्वयं का कांग्रेसी बता कर पूरी प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए।
दोनों नेताओं ने वीडियो जारी कर बीजेपी की सूची से असहमति जताई है। प्रदीप गोजा और सुजीत चौहान इस वीडियो में कहते सुनाई दे रहे हैं कि उन्हें इस नियुक्ति के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। बीजेपी संगठन की ओर से इस संबंध में उनसे किसी भी प्रकार की चर्चा नहीं की गई और न ही उनकी अनुमति ली गई। उन्होंने कहा कि वे पहले से ही कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं। यहां तक कि दोनों नेताओं ने कहा कि बीजेपी के किसी भी पद पर रहने की उनकी कोई इच्छा नहीं है।
बीजेपी में पदों को लेकर मारामारी किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में आलीराजपुर में पद छोड़ देने का मामला चर्चा में तो आना ही था। संगठन पर सवाल हुए तो बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष सोहन डोडवे को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा किसी भी कार्यकर्ता का किसी भी पद के लिए चयन बिना सोचे-समझे नहीं किया जाता है। कार्यकर्ताओं के पिछले कार्यों का आकलन करने और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद ही नियुक्तियां तय की जाती हैं।
अपनी बात के समर्थन में सोहन डोडवे ने कुछ आयोजनों के फोटो और वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि ये पद छोड़ने वाले दोनों युवा नेता नियमित रूप से पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। सोहन डोडवे इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि जब दोनों युवा नेता मंडल की सूची बनाने में भी शामिल थे तो उनका मन क्यों बदला? इस प्रश्न के उत्तर में डोडवे ने इतना ही कहा कि अब अचानक से उनके रुख में बदलाव आने के पीछे क्या वजह है, यह वही बेहतर बता सकते हैं।
जिलाध्यक्ष वजह भले ही नहीं बता पा रहे हैं लेकिन इस एक विवाद से पार्टी में जारी आंतरिक संघर्ष तो उजागर हुआ ही है। कोई तो असंतोष है कि युवा नेताओं ने पद छोड़ दिया या स्थानीय संगठन इन नेताओं की निष्ठा को लेकर गफलत में रहा।
स्वतंत्रता के उत्सव में जूतन पेजार
यूं तो वह आजादी की वर्षगांठ मनाने का उत्सव था मगर गुना के कुंभराज तहसील के सीएम राइज स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का जश्न राजनीतिक अखाड़े में बदल गया। झंडावंदन के बाद बीजेपी नेता राजबहादुर सिंह चौहान ने भाषण में महात्मा गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा था। इस पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राधेश्याम मीणा भड़क उठे और मंच से विरोध जताया। दोनों नेता यहां रूके नहीं बल्कि आरोप-प्रत्यारोप आक्रामक भाषा व व्यवहार तक पहुंच गया। अपने नेताओं को लड़ता देख दोनों के समर्थक भी मंच पर चढ़ गए।
वाद-विवाद पहले धक्का-मुक्की और फिर हाथापाई में बदल गया। हालात बिगड़ते देख संचालकों ने आनन-फानन में कार्यक्रम समाप्त करने की घोषणा कर दी। खबरें बता रही हैं कि इस जूतम पेजार के कारण राष्ट्रगान और अन्य औपचारिकताएं तक नहीं हो सकीं। मंच से बच्चों को राष्ट्रीय एकता और देश भक्ति का संदेश जाना था लेकिन बीजेपी नेता राजबहादुर ने इसे राजनीतिक छींटाकशी का माध्यम बनाया और बच्चे नेताओं के आचरण में एकता पाठ नहीं, राजनीतिक विद्वेष का उदाहरण देख रहे थे।
बीजेपी एमएलए का नया वीडियो वायरल, डेटिंग पेंटिंग कर दो
पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम सिंह लोधी तो याद होंगे आपको? वे कई बार अपने बयानों और कार्यों के कारण खबरों में रहे हैं। इस बार भी उनका नया वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो करेरा में आयोजित रानी अवंतीबाई लोधी जयंती समारोह का है। समर्थकों को संबोधित करते हुए विधायक प्रीतम लोधी ने विरोधियों को सख्त लहजे में चेतावनी दे डाली। विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि लोग कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो कभी लोधी समाज के लोगों को गालियां देते हैं।
उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल ब्रह्मांड की तरह विशाल है। इसलिए वे तमाम गालियां और आलोचनाएं आसानी से हजम कर जाते हैं, लेकिन वे स्वयं यानी प्रीतम लोधी एक छोटे से सरोवर की तरह हैं और अनगिनत अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। पौराणिक संदर्भों का हवाला देते हुए विधायक लोधी ने समर्थकों से कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी शिशुपाल की केवल 99 गलतियों और गालियों को ही माफ किया था। यदि कोई 99 से ज्यादा गलती करता है तो उसे 100 गलती पर शिशुपाल की तरह सुधार दो। यहां सुधारने के लिए उन्होंने डेंटिंग पेंटिंग शब्द का उपयोग किया है।
इस घटना के पहले विधायक प्रीतम लोधी अपने बेटे पर कार्रवाई के कारण आईपीएस को धमकाने के लिए चर्चा में आए थे। पहले प्रशासन और विरोधियों को जवाब देने के आक्रामक तरीके सीखाने के कारण विधायक प्रीतम लोधी आलोचना झेल रहे हैं। पार्टी ने इस बारे में अभी कोई राय नहीं रखी है।




