सिंहस्थ से पहले उज्जैन में हजारों करोड़ के घटिया निर्माण, BJP सांसद ने अपनी ही सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात कर 2600 करोड़ रुपए से बन रहे उज्जैन-गरोठ हाइवे की निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की।

Updated: Sep 12, 2026, 01:09 PM IST

उज्जैन। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज कर दी हैं। हजारों करोड़ के बजट वाली कई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। लेकिन, अब इन विकास कार्यों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। नौबत यहां तक आ गई है कि विपक्ष से पहले अपनों ने ही नाराजगी जता दी है। हालत यह है कि खुद उज्जैन के बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया को अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ गया है।

दरअसल, उज्जैन को राजस्थान और दिल्ली से जोड़ने के लिए 4 हजार करोड़ रुपए से बनाए देवास-बदनावर और उज्जैन-गरोठ दोनों हाईवे अभी से ही खराब हो गए। घटिया निर्माण सामने आते ही सांसद अनिल फिरोजिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री को 2600 करोड़ रुपए से बन रहे उज्जैन-गरोठ और 1400 करोड़ से बने देवास-बदनावर हाइवे में निर्माण की गुणवत्ता संबंधी हकीकत बताई।

सांसद फिरोजिया ने गड़करी को बताया कि देवास-बदनावर हाईवे को अभी 3 साल ही हुए है, पिछले एक साल से वह लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा है। उज्जैन-गरोठ हाईवे तो अभी निर्माणाधीन है। लोकार्पण से पहले ही यह हाइवे धंसने लगा है। सांसद फिरोजिया ने दोनों हाईवे के निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। सांसद अनिल फिरोजिया ने मीडिया को बताया कि केंद्रीय मंत्री को उज्जैन-गरोठ व देवास-बदनावर दोनों हाईवे की गुणवत्ता से अवगत करा दिया है। केंद्रीय मंत्री जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात की है।