MP: मैपकास्ट के 57 लाख के वाहन बिलों पर सवाल, मोपेड और ई रिक्शा के नंबर पर इनोवा और ट्रैवलर की बुकिंग
उज्जैन में महाकाल कॉन्फ्रेंस के लिए मैपकास्ट ने वाहन किराये पर 57 लाख से अधिक खर्च किए। जांच में मोपेड, ई-रिक्शा और फर्जी बिलिंग से जुड़े सवाल उठे।
मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) की ओर से अप्रैल 2026 में उज्जैन में आयोजित महाकाल : द मास्टर ऑफ टाइम कॉन्फ्रेंस के खर्चों में वाहन किराये के बिलों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। कार्यक्रम के लिए भोपाल की अदिति टूर एंड ट्रेवल्स से गाड़ियां किराये पर लेने के नाम पर 57 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया। बिलों की पड़ताल के बाद पता चला कि जिन वाहनों को इनोवा और टेंपो ट्रैवलर बताया गया उनमें से कुछ के रजिस्ट्रेशन नंबर मोपेड और ई रिक्शा के निकले। बिलों में एक ही गाड़ी की बार बार बुकिंग और निर्धारित समय से अधिक ड्यूटी दिखाकर भुगतान लेने के मामले भी सामने आए हैं।
उज्जैन में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस पर मैपकास्ट ने कुल 6.29 करोड़ रुपए खर्च किए गए। कार्यक्रम की व्यवस्था, प्रचार प्रसार, टेंट, लाइटिंग, साउंड, प्रोजेक्शन और ब्रांडिंग से जुड़े कामों के लिए सुविधा इंटरप्राइजेज और मेसर्स प्रो. इवेंट को भुगतान किया गया। दोनों कंपनियों ने वीर भारत न्यास के माध्यम से बिल प्रस्तुत किए।
दस्तावेजों के अनुसार, मेसर्स प्रो. इवेंट को 22.12 लाख रुपए और सुविधा इंटरप्राइजेज को 4.18 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। इसके अलावा वीर भारत न्यास ने मैपकास्ट से 12.82 लाख रुपए हैंडलिंग चार्ज के रूप में लिए। कार्यक्रम में खानपान की व्यवस्था पर भी 1.32 करोड़ रुपए खर्च किए गए। यह जिम्मेदारी भोपाल की नर्मदा कैटर्स को दी गई थी।
वाहनों के बिलों में सामने आई गड़बड़ियों में एक मामला बिल नंबर 3054 का है। इसमें UP65ED1523 रजिस्ट्रेशन नंबर वाले वाहन को टेंपो ट्रैवलर बताया गया। बिल के मुताबिक, बीते 1 अप्रैल को इस वाहन ने उज्जैन में 186 किलोमीटर की यात्रा की। जिसके लिए 29,242 रुपए का भुगतान किया गया।
हालांकि, रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच में यह वाहन उत्तर प्रदेश में शुभम जायसवाल के नाम पर पंजीकृत मोपेड निकला। शुभम के मुताबिक, उनकी मोपेड पिछले दो महीने से खराब है और बनारस की टीवीएस वर्कशॉप में खड़ी है। ऐसे में इस नंबर पर ट्रैवलर के इस्तेमाल और उससे जुड़ी बिलिंग पर सवाल उठ रहे हैं।
बिल नंबर 3061 में MP13ZP4512 रजिस्ट्रेशन नंबर वाली इनोवा की 2 से 5 अप्रैल तक बुकिंग दिखाई गई है। लेकिन उज्जैन आरटीओ के रिकॉर्ड में यह नंबर ई रिक्शा के नाम पर दर्ज है। इस ई रिक्शा को रितेश श्रीवास्तव चलाते हैं।
एक अन्य मामले में 3 अप्रैल को बिल नंबर 3060 और 3061 में 26 सीटों वाले टेंपो ट्रैवलर MP11P0671 की ड्यूटी दर्ज की गई। दोनों बिलों में निर्धारित ड्यूटी के अतिरिक्त 10-10 घंटे दिखाए गए। दस्तावेजों के मुताबिक, एक ही वाहन की दो अलग अलग बिलिंग भी मंजूर की गई।
वाहनों के इस्तेमाल से संबंधित रिकॉर्ड में समय की गणना पर भी सवाल उठे हैं। बिल नंबर 3054 में MP09TA8278 रजिस्ट्रेशन नंबर वाली इनोवा क्रिस्टा के लिए 5 अप्रैल को 10 घंटे अतिरिक्त ड्यूटी दर्ज की गई।
इसी दिन बिल नंबर 3060 में इसी वाहन की दो अलग अलग प्रविष्टियां मिलीं। पहली में 13 घंटे और दूसरी में 15 घंटे की ड्यूटी मंजूर की गई। इस तरह एक ही वाहन के लिए एक दिन में कुल 38 घंटे की ड्यूटी का भुगतान दर्ज हुआ। जबकि, एक दिन में इतनी अवधि तक किसी वाहन की वास्तविक ड्यूटी संभव नहीं है।
टेंपो ट्रैवलर MP09FA9227 की ड्यूटी स्लिप में भी मीटर रीडिंग को लेकर विसंगति सामने आई है। रिकॉर्ड के मुताबिक, वाहन के ड्राइवर रमेश की ड्यूटी 3 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे शुरू हुई। उस समय मीटर रीडिंग 39,419 किलोमीटर दर्ज थी। 4 अप्रैल को सुबह 4 बजे ड्यूटी खत्म होने पर रीडिंग 39,616 किलोमीटर लिखी गई।
इसके अगले दिन यानी 5 अप्रैल को सुबह 5 बजे वाहन की ओपनिंग रीडिंग सीधे 62,324 किलोमीटर दर्ज कर दी गई। यानी करीब 25 घंटे के अंतराल में मीटर रीडिंग 22,708 किलोमीटर बढ़ गई। यह अंतर वाहन के वास्तविक इस्तेमाल के बजाय बिलिंग रिकॉर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है।
मामले पर अदिति ट्रेवल्स भोपाल के डायरेक्टर देवेंद्र सक्सेना ने कहा कि उन्होंने जो गाड़ियां उपलब्ध कराई थी उन्हीं के बिल दिए गए हैं। उनके मुताबिक, बिलों में दर्ज वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर पूरी तरह सही हैं।
वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि संबंधित रिकॉर्ड की जांच करने के बाद ही वह इस मामले में कुछ बता पाएंगे। उन्होंने फिलहाल इस संबंध में जानकारी होने से इनकार किया।
वहीं, मैपकास्ट के डीजी डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि कॉन्फ्रेंस के लिए वाहन संस्कृति विभाग से लिए गए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं गड़बड़ी है तो उसकी जांच कराई जाएगी।




