नियमितिकरण समेत अन्य मांगों को लेकर इंदौर में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन, 5 अक्टूबर से हड़ताल की चेतावनी

इंदौर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर भारी प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर 5 अक्टूबर से सफाई कार्य पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।

Updated: Oct 05, 2026, 02:27 PM IST

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11:30 बजे बड़ी संख्या में कर्मचारी निगम परिसर में जुटे और जमीन पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। कर्मचारियों ने नियमितिकरण समेत विभिन्न मांगों के समाधान की मांग करते हुए निगम आयुक्त से आमने-सामने बातचीत करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने बाहर आकर बात करो, निगम कमिश्नर इस्तीफा दो, जातिवाद बंद करो और निगम कमिश्नर हाय-हाय जैसे नारे लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं को लेकर निगम प्रशासन को आवेदन और ज्ञापन दिए जा रहे हैं लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

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सफाई कर्मचारियों ने निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर 5 अक्टूबर से शहर में सफाई कार्य बंद करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों ने पत्र में कहा है कि उनकी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कई सालों से महापौर और निगम आयुक्त को जानकारी दी जाती रही है। इसके बावजूद समाधान नहीं होने पर अब काम बंद हड़ताल का रास्ता अपनाने की बात कही गई है।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी और सफाई कर्मचारियों का नियमितिकरण शामिल है। इसके अलावा वेतनमान, अनुकंपा नियुक्ति, अवकाश नगदीकरण और वेतन संबंधी दस्तावेजों से जुड़ी मांगें भी उठाई गई हैं।

सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 24 अगस्त को संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देशों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप उन विनियमित सफाई एवं अन्य कर्मचारियों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के समान वेतनमान और भत्तों का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया था जो शैक्षणिक योग्यता की कमी के कारण इस लाभ से वंचित रह गए हैं।

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इसके लिए नियमों में शिथिलता की अनुशंसा करते हुए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही 16 मई 2007 के बाद निगम में नियुक्त दैनिक वेतनभोगी, सफाई कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों के विनियमितीकरण के संबंध में भी शासन को पत्र भेजने को कहा गया था।

महापौर के निर्देशों में निगम कर्मचारी या सफाई मित्र की मृत्यु के बाद उनके परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति देने से जुड़े मामलों का नियमानुसार तत्काल निराकरण करने को कहा गया था। कर्मचारियों के अवकाश नगदीकरण से संबंधित प्रकरणों को भी निर्धारित समयसीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा निगम में कार्यरत सभी कर्मचारियों को हर महीने वेतन स्लिप उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया था।

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