दिल्ली को जेल बना दिया, सरकार ज्ञानेश कुमार को जितना बचाएगी, उतना ही फंसेगी: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान किया है। वोट चोरी, SIR रोकने और इस्तीफे की मांग को लेकर CJI को ज्ञापन देने की बात कही है, लेकिन चीफ जस्टिस ने वक्त देने से मना कर दिया है।

Updated: Oct 12, 2026, 12:44 PM IST

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। 11 अक्टूबर को स्टूडेंट एक्टिविस्ट नेहा बोरा सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। आज यानी 12 अक्टूबर को दिल्ली में विपक्ष सरकार के खिलाफ हल्लाबोल करने की तैयारी में है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का ऐलान किया है। उन्होंने विपक्षी पार्टियों, सिविल सोसाइटी ग्रुप्स और नागरिकों से अपील की है कि वे 'वोट चोरी' के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करें। इससे पहले राहुल गांधी ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया।

AICC मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली को जेल बना दिया गया है। ट्रेन, बसों को रोका जा रहा, हर जगह पुलिस तैनात है। भाजपा के गुंडे, आरएसएस के गुंडे महिलाओं को मार रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक वीडियो चलाया गया, जिसमें लड़कियों को पीटा जा रहा है, पुलिस लड़कियों की बाल खींचती दिख रही है। वीडियो में पत्रकारों के साथ भी बसलूकी करते दिखाया गया।

राहुल गांधी ने कहा कि यह सब सीईसी ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए क्या जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार आप बचेंगे नहीं, हम आपको नहीं छोड़ेंगे। राहुल ने कहा, “पहले दिन हमने कहा कि इलेक्शन कमीशन जाएंगे। विपक्ष के सारे नेता बिना हिंसा के वहां गए, हमें रोका गया। हमें बसों में डाला गया। हमें कहा गया कि प्रोटेस्ट नहीं कर सकते। पुलिस अफसर कहते हैं कि घर में प्रोटेस्ट कीजिए। हमने कहा कि हमें जगह दे दीजिए।”

उन्होंने कहा, "दूसरे दिन हमने कहा कि डेजिगनेटेड एरिया (जंतर-मंतर) पर बैठने दीजिए। फिर पिटाई हुई। फिर हम राजघाट गए। वहां भी पिटाई हुई। अब हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। हम देश को दिखाना चाहते हैं कि सरकार, नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार को प्रोटेक्ट कर रहे हैं। जितना वो प्रोटेक्ट करेंगे, अंत में हम उनके कंट्रोलर के पास जाएंगे।"

उधर, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और अन्य की याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। इन याचिकाओं में विरोध प्रदर्शनों के बीच अदालत के कामकाज में बाधा और इंटरनेट सेवाओं में व्यवधान से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। CJI सूर्यकांत ने कहा कि लोकतांत्रिक गतिविधियां सुचारू रूप से होनी चाहिए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कामकाज में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। हालांकि, सीजेआइ ने विपक्षी डेलिगेशन से मिलने से इनकार भी किया है।