पचोर में पटवारियों का विरोध प्रदर्शन, बिना सुनवाई निलंबन, वेतन कटौती और ट्रैकिंग पर जताई आपत्ति
राजगढ़ जिले के पचोर में पटवारियों ने कलेक्टर के फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। बिना सुनवाई निलंबन, वेतन कटौती और सार्थक ऐप से जीपीएस ट्रैकिंग का विरोध किया गया।
राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर में शुक्रवार को पटवारियों ने कलेक्टर के हालिया प्रशासनिक फैसलों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पटवारियों ने तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बिना सुनवाई के निलंबन, वेतन कटौती और सार्थक ऐप के जरिए जीपीएस लोकेशन ट्रैकिंग जैसे आदेशों को अन्यायपूर्ण बताया।
प्रदर्शन के दौरान पटवारी बनवारी गुप्ता और लालसिंह भिलाला ने कहा कि जिले में कई पटवारियों को बिना कारण बताए और बिना पक्ष रखने का अवसर दिए निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। निलंबित पटवारियों में जीरापुर के ज्ञानसिंह अहिरवार, नरसिंहगढ़ के प्रमोद तिवारी, सुठालिया के कैलाश भिलाला, खिलचीपुर के देवेंद्र मीणा और सुठालिया की श्रंखला परिहार शामिल हैं। इसके अलावा पचोर तहसील के गोवर्धनप्रसाद नागर और ज्योति पांडे के वेतन काटने के आदेश को भी पटवारियों ने पूरी तरह अनुचित करार दिया।
पटवारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसे सुनवाई का मौका दिया जाना उसका मौलिक और कानूनी अधिकार है। बिना नोटिस और बिना जवाब सुने की गई कार्रवाई से कर्मचारियों में असुरक्षा और असंतोष बढ़ रहा है।
ज्ञापन में आर्थिक मामलों को भी प्रमुखता से उठाया गया। पटवारियों ने सिंचाई संगणना वर्ष 2015-16 तथा कृषि संगणना वर्ष 2010-11 और 2015-16 से संबंधित लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि सालों से लंबित भुगतान के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
तकनीकी समस्याओं को लेकर भी पटवारियों ने नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि आभी उपयोग में लाई जा रही वेब जीआईएस 2.0 प्रणाली में ई-केवाईसी के दौरान रिकॉर्ड में कई तरह की गलतियां सामने आ रही हैं। इन खामियों के बावजूद गलती का दबाव पटवारियों पर बनाया जा रहा है जो पूरी तरह अनुचित है।
पटवारियों ने सार्थक ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने और लगातार जीपीएस लोकेशन साझा करने पर भी कड़ा विरोध जताया है। उनका तर्क है कि पटवारी ऑफिस कर्मचारी नहीं होते बल्कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी हैं। ऐसे में हर समय लोकेशन ट्रैकिंग से उनकी निजी सुरक्षा और गोपनीयता को खतरा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि अपराधियों की लोकेशन साझा करने पर भी सीमाएं तय हैं। ऐसे में कर्मचारियों पर इस तरह की निगरानी उचित नहीं है।
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रयागसिंह भिलाला, आनंद सेन, हेमंत शर्मा, रवि तिवारी, आयुषी दूबे, सरिता पाटीदार, बबिता बड़वाक, कविता नागर, ज्योति पांडे, विष्णु भिलाला, कविता टेलर, निर्मला शर्मा, दिनेश लोधी और पंकज नामदेव सहित बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद रहे। पटवारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।




