भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी, कांग्रेस ने बताया ऐतिहासिक क्षण

कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि दोनों का साथ चलना शासकों के लिए संदेश है कि वे लोकतंत्र को खतरे में डाल सकते हैं, पर खत्म नहीं कर सकते हैं।

Updated: Nov 18, 2022, 02:53 PM IST

भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी, कांग्रेस ने बताया ऐतिहासिक क्षण

शेगांव। महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी शुक्रवार को सुबह महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में ‘भारत जोड़ो यात्रा' में राहुल गांधी के साथ शामिल हुए। इस दौरान तुषार गांधी और राहुल गांधी एक दूसरे का हाथ थामकर पदयात्रा में चलते दिखे। कांग्रेस ने तुषार गांधी की भागीदारी को ऐतिहासिक बताया। 

कांग्रेस ने एक ट्वीट में लिखा कि, 'आज भारत जोड़ो यात्रा में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी शामिल हुए। वैसे भी इतिहास गवाह है- संकट में घिरे देश को बचाने गांधी-नेहरू हमेशा साथ आए हैं।'

कांग्रेस ने राहुल गांधी और तुषार गांधी को जवाहरलाल नेहरू व महात्मा गांधी के प्रपौत्रों को दिवंगत नेताओं की विरासत के वाहक के तौर पर पेश किया। पार्टी ने एक बयान में कहा, 'दोनों का एक साथ चलना शासकों के लिए एक संदेश है कि वे लोकतंत्र को खतरे में डाल सकते हैं, लेकिन उन्हें इसे खत्म नहीं करने दिया जाएगा।'

इससे पहले तुषार गांधी ने एक पोस्ट में लिखा कि, 'मैं 18 तारीख को शेगांव में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होऊंगा। शेगांव मेरा जन्म स्टेशन भी है। मेरी मां जिस ट्रेन में सफर कर रही थीं, 1 डीएन हावड़ा मेल वाया नागपुर, वह 17 जनवरी 1960 को शेगांव स्टेशन पर रुकी थी जब मेरा जन्म हुआ।' तुषार गांधी ने महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की एक तस्वीर भी पोस्ट की।

कांग्रेस ने आजादी के आंदोलन से भारत जोड़ो यात्रा की तुलना करते हुए एक ट्वीट में लिखा कि, 'देश संकट में हो और गांधी-नेहरू कंधे से कंधा मिलाकर न निकलें-ये संभव नहीं है। आज़ादी के आंदोलन से भारत जोड़ने के आंदोलन तक का सफर गवाह है... देश को तब आज़ादी दिलाई थी और देश को आज जोड़कर दिखाएंगे। राहुल गांधी और महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी।'

बता दें कि भारत जोड़ो यात्रा का आज 72वां दिन है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राहुल गांधी शाम को शेगांव में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस रैली में राज्य भर से पार्टी कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। गांधी ने पिछले सप्ताह नांदेड़ में भी एक रैली को संबोधित किया था।