मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में चर्चा की मांग
विपक्षी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन और सरकार के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
नई दिल्ली। मेडिकल में प्रवेश की राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) को रद्द करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को भी संसद के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी को सदन में बयान देना चाहिए, तभी हम उनकी बातों को सही मानेंगे। रात 12 बजे बयान जारी करने के बजाय उन्हें सदन में बोलना चाहिए। वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से हटाना ही होगा। यह देश के छात्रों की मांग है। छात्रों की मांगों पर ध्यान दिए बिना, वे सब कुछ लीपा-पोती करने की कोशिश कर रहे हैं।
RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी को अब समझ नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है। वे असलियत से दूर हो गए हैं। उनके आस-पास के लोग भी उन्हें यह नहीं समझा पा रहे हैं कि छात्र और युवा क्या चाहते हैं। अगर आप उनकी बात नहीं सुनेंगे, तो आपकी सत्ता चली जाएगी।
इधर, भाजपा ने व्हिप जारी कर शुक्रवार को संसद सत्र के दौरान एनडीए के सांसदों को सदन में मौजूद रहने को कहा है। दोपहर 1 बजे संसद में कैबिनेट की बैठक होगी। पीएम ने वीडियो मैसेज जारी कर कहा था कि, पेपर लीक में सजा से जुड़ा प्रस्ताव बैठक में रखा जाएगा।




