भोपाल में नर्सिंग स्टूडेंट्स का बड़ा प्रदर्शन, पॉलिटेक्निक चौराहे पर बैठे, 6 साल से लंबित हैं परीक्षाएं

भोपाल में हजारों नर्सिंग छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। नर्सिंग शिक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र मुख्यमंत्री आवास घेरने निकले लेकिन पुलिस ने पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया।

Updated: Aug 19, 2026, 05:02 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से राजधानी पहुंचे नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब छह साल से नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और न्यायिक प्रक्रिया में फंसे अपने भविष्य को लेकर छात्रों में नाराजगी है। बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के विद्यार्थी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकले लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। छात्र मुख्यमंत्री आवास तक जाने की अनुमति मांगते रहे लेकिन पुलिस ने उन्हें मौके से हटने को कहा। 

प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। छात्रों का कहना है कि नर्सिंग की पढ़ाई से जुड़े विवादों के चलते समय पर परीक्षाएं नहीं हो पा रही हैं। कई विद्यार्थी परीक्षा, डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर की प्रक्रिया में लंबे समय से अटके हुए हैं। इसका सीधा असर उनकी आगे की पढ़ाई, नौकरी और करियर पर पड़ रहा है। छात्रवृत्ति में देरी की समस्या ने भी उनकी परेशानी बढ़ा दी है।

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छात्रों का कहना है कि नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़ी प्रक्रिया में यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी विद्यार्थियों पर नहीं डाली जानी चाहिए। उनका तर्क है कि किसी कॉलेज को मान्यता देने या उसकी वैधता तय करने का काम शासन, प्रशासन और संबंधित संस्थानों का है। यदि मान्यता में कोई अनियमितता हुई है तो कॉलेज प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए न कि उन विद्यार्थियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़े जिन्होंने दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई पूरी की है।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार से केवल आश्वासन देने के बजाय मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शनकारी मनोज रजक ने कहा कि सरकार को विद्यार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक वे आंदोलन समाप्त करने पर विचार नहीं करेंगे।

छात्रों की सबसे बड़ी मांग नर्सिंग मामले की न्यायिक सुनवाई को जल्द आगे बढ़ाने की है। उनका कहना है कि मामले की स्पेशल बेंच के जरिए शीघ्र सुनवाई कराकर विद्यार्थियों के हित में निर्णय लिया जाए। इसके साथ ही बीएससी नर्सिंग और जीएनएम के सभी कैटेगरी के विद्यार्थियों की परीक्षाएं बिना किसी और देरी के आयोजित कराने की मांग की गई है। इसमें सूटेबल, अनसूटेबल और ग्वालियर क्षेत्र के 56 कॉलेजों से जुड़े विद्यार्थी भी शामिल हैं।

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विद्यार्थियों ने बैच 2020-21 के छात्रों को दिसंबर 2026 तक डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने से वे नौकरी और आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा लंबित छात्रवृत्ति संबंधी समस्याओं का जल्द निराकरण करने की मांग की गई है।

छात्रों ने नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और उससे जुड़ी कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी भी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद में हजारों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और अब सरकार को स्पष्ट नीति के साथ इस मामले का समाधान करना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कई छात्र भावुक भी नजर आए। कुछ विद्यार्थी सड़क पर बैठकर अपनी डिग्री और अधिकार की मांग करते दिखे। उनका कहना है कि सालों तक पढ़ाई करने के बाद भी परीक्षा, डिग्री और रजिस्ट्रेशन जैसी मूलभूत प्रक्रियाओं में उलझे रहना उनके लिए बेहद निराशाजनक है। छात्रों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर मामले का स्थायी समाधान निकालने और उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित करने की मांग की है।

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