आर्यन की हिरासत के समय राहुल गांधी ने लिखी थी शाहरुख को चिट्ठी, मीडिया रिपोर्ट में दावा

एक हिंदी न्यूज़ चैनल ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है, रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने शाहरुख खान को चिट्ठी लिखकर उनका हौसला बढ़ाया था

Publish: Nov 03, 2021, 04:03 PM IST

आर्यन की हिरासत के समय राहुल गांधी ने लिखी थी शाहरुख को चिट्ठी, मीडिया रिपोर्ट में दावा

नई दिल्ली। आर्यन खान की हिरासत के समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान को चिट्ठी लिखी थी। राहुल गांधी ने शाहरुख खान को चिट्ठी लिखकर उनका हौसला बढ़ाया था। यह दावा एक हिंदी न्यूज़ चैनल ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। हालांकि रिपोर्ट में राहुल गांधी द्वारा शाहरुख को लिखी गई चिट्ठी के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई है। 

रिपोर्ट के मुताबिक जब आर्यन खान जेल में कैद थे और शाहरुख अपने बेटे की रिहाई के लिए जद्दोजहद कर रहे थे, इसी दौरान राहुल गांधी ने शाहरुख खान को चिट्टी लिखी थी। राहुल गांधी ने शाहरुख को चिट्ठी में लिखा था कि इस समय पूरा देश आपके साथ है।  

एनसीबी ने दो अक्टूबर को एक क्रूज़ पर छापेमारी की थी, जिसके बाद वह बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुक खान के बेटे आर्यन खान को पकड़ कर ले गई थी। आर्यन खान के साथ एनसीबी ने कुल आठ लोगों को पकड़ा था। हालांकि एनसीबी को आर्यन खान के पास से किसी तरह की ड्रग्स की बरामदगी नहीं हुई थी। लेकिन एनसीबी ने कोर्ट में लगातार यह दावे किए कि आर्यन खान अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स माफिया से संबंध हैं, जिसका पता एनसीबी लगाना चाहती है। लेकिन एनसीबी के पास अपने दावे को सिद्ध करने के लिए सबूत नहीं थे। 

उधर आर्यन खान ज़मानत याचिका पहले एनडीपीएस कोर्ट से खारिज कर दी गई, इसके बाद सेशंस कोर्ट ने भी आर्यन खान की ज़मानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि बॉम्बे हाई कोर्ट ने आर्यन खान को आखिरकार राहत दे दी। जिसकी बदौलत आर्यन खान 28 दिन बाद अपने घर लौट पाए।  

आर्यन खान के बाहर आने तक मामला पूरी तरह से करवट ले चुका था। अब खुद एनसीबी और उसके जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की मंशा इस मामले में सवालों के घेरे में आ गई थी। खुद एनसीबी के गवाह ने समीर वानखेड़े और आर्यन खान को अपने साथ पकड़कर एनसीबी दफ्तर ले जाने वाले किरण गोसावी पर उगाही करने का प्रयास करने के आरोप लगा डाले। दूसरी तरफ एनसीपी नेता नवाब मलिक द्वारा किए गए एक के बाद एक खुलासे के कारण शक की सूई एनसीबी की तरफ घूम गई। एनसीबी और विशेषकर समीर वानखेड़े पर फर्जी ड्रग्स केस के नाम पर उगाही करने के आरोप लग रहे हैं।