जापान की टेक्नोलॉजी और भारत के टैलेंट से बदलेगी दुनिया की तस्वीर, टोक्यो में बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि जापान टेक्नोलॉजी में पावरहाउस है, तो वहीं भारत टैलेंट का पावरहाउस है। टेक्नोलॉजी और टैलेंट ही नेतृत्व कर सकते हैं।

टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम को संबोधित किया। उन्होंने जापान की टेक्नोलॉजी और भारत के टैलेंट से तस्वीर बदलने की बात कही। साथ ही कहा कि भारत की विकास यात्रा में जापान अहम पार्टनर रहा है।
टोक्यो में अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि जापान टेक्नोलॉजी में पावरहाउस है, तो वहीं भारत टैलेंट का पावरहाउस है। टेक्नोलॉजी और टैलेंट ही भारत नेतृत्व कर सकते हैं। भारत और जापान में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। इस दौरान उन्होंने भारत को निवेश के लिए सबसे बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया की नजरें ही नहीं, भरोसा भी भारत पर है।
मोदी ने आगे कहा कि मेट्रो से मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर से स्टार्टअप तक, क्षेत्र में हमारी साझेदीरी आपसी विश्वास का प्रतीक बना है। जापानी कंपनियों ने भारत में 40 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। पिछले दो सालों में 13 बिलियिन डॉलर का निजी निवेश हुआ है। जापान के लिए भारत सबसे प्रॉमिसिंग नेशन रहा है। 80 पर्सेंट कंपनियां भारत आना चाहती हैं और 75 पर्सेंट मुनाफे में हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि ऑटो सेक्टर में हमारी साझेदार सफल रही है। साथ मिलकर हम वही मैजिक बैटरी, सेमीकंडक्टर, शिप बिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी में भी दोहरा सकते हैं। ग्लोबल साउथ के विकास में अहम विकास दे सकते हैं। कम मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड है। मोदी से पहले जापान के PM इशिबा ने कहा कि भारतीय टैलेंट और जापानी तकनीक एक-दूसरे के लिए बने है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह जापान यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। इसके बाद भारत अपने उत्पादों के लिए नए बाजार की तलाश में है। पीएम मोदी जापान के बाद चीन जाएंगे और वहां एससीओ समिट में भी हिस्सा लेंगे। चीन में पीएम मोदी की मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से भी हो सकती है।