CG: धान की रखवाली कर रहे दंपत्ति को जंगली हाथियों ने कुचला, मौके पर हुई दोनों की मौत
सूरजपुर के बिसाही में देर रात जंगली हाथियों ने खलिहान में सो रहे दंपत्ति पर हमला कर उन्हें कुचलकर मार डाला। हादसा 2 बजे हुआ। गांव में मातम और गुस्सा है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए। आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र के कपसरा स्थित बिसाही इलाके में देर रात जंगली हाथियों ने हमला कर दिया। इस दौरान खलिहान में सो रहे एक दंपत्ति हाथियों के पांव तले कुचले गए। दंपत्ति की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा रात करीब 2 बजे हुआ। इस दर्दनाक हादसे की वजह से पूरे गांव में गहरा शोक और दहशत फैल गई है।
बिसाही पोड़ी गांव के कबिलास राजवाड़े (42) और उनकी पत्नी धनियारो (38) बीते दिनों हाथियों की बढ़ती गतिविधि को देखते हुए अपने धान के ढेर की रात में रखवाली कर रहे थे। दोनों खलिहान के पास ही सो रहे थे। इसी दौरान जंगल से भटककर आए हाथियों का झुंड अचानक वहां पहुंच गया। झुंड ने सो रहे दोनों पर बिना किसी चेतावनी के हमला किया और कुछ ही पलों में उन्हें पैरों तले कुचल दिया। यह घटना इतनी तेज घटी कि दंपत्ति को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिल सका।
घटना की खबर सुबह होते ही ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। टीम तुरंत गांव पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में गांव से लगे जंगलों में हाथियों की हलचल बढ़ी है और अब क्षेत्र के अन्य गांवों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एक साथ दो लोगों की मौत ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया है। लोग सदमे के साथ विभागीय लापरवाही से नाराज भी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आवाजाही पिछले कई दिनों से बढ़ गई थी लेकिन उन्हें न तो समय रहते कोई पुख्ता चेतावनी मिली और न ही सुरक्षा उपाय। कई बार शिकायत करने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए गए जिसका नतीजा यह बड़ा हादसा रहा।
वन विभाग ने अब रात के समय खेत या खलिहान में अकेले न सोने और समूह में रहने की सलाह दी है। हाथियों को देखने पर तुरंत विभाग को सूचना देने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि जब तक जंगलों में हाथियों के सुरक्षित रास्ते और पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं होगा तब तक मानव–वन्यजीव संघर्ष के ऐसे मामले दोबारा सामने आने की आशंका बनी रहेगी।




