पिछड़ी जाति से होने के कारण हुआ अन्याय, प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल नहीं करने पर छलका कुसुम महदेले का दर्द

बीजेपी नेता ने कहा कि वे पिछले चार दशकोंसे बीजेपी की कार्यकर्ता हैं, लेकिन वे बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल नहीं हैं, बीजेपी नेता ने कहा है कि उनके साथ यह अन्याय इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे पिछड़ी जाति से आती हैं

Updated: Nov 28, 2021, 08:17 AM IST

पिछड़ी जाति से होने के कारण हुआ अन्याय, प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल नहीं करने पर छलका कुसुम महदेले का दर्द
Photo Courtesy: Dainik Bhaskar

भोपाल। बीजेपी की वरिष्ठ नेता कुसुम मेहदेले ने अपनी ही पार्टी पर जातिवाद का आरोप मढ़ा है। कुसुम महदेले ने कहा है कि पिछड़ी जाति से होने के कारण उनके साथ पार्टी में अन्याय किया गया है। कुसुम मेहदेले ने बीजेपी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा है कि वे गरीबों की मदद करती हैं, यही उनका गुनाह है। 

कुसुम महदेले ने यह बात बीजेपी के प्रदेश कार्यकारिणी का हिस्सा न बनाए जाने के संबंध में कहीं। प्रदेश सरकार में मंत्री रहीं कुसुम मेहदेले ने कहा कि वे बीते चार दशकों ने बीजेपी का हिस्सा रही हैं, लेकिन उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल नहीं किया गया है। 

कुसुम मेहदेले ने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि न हम वरिष्ठ हैं और न हम वरिष्ठ कार्यकर्ता में शामिल किए गए हैं। सन 1980 से बीजेपी के कार्यकर्ता जरूर हैं, लेकिन भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल नहीं हैं। उपेक्षित पिछड़ी जाति से हैं। गरीब वंचितों की मदद ज़रूर करते हैं और यही हमारा गुनाह है। 

कुसुम महदेले के इस ट्वीट ने एक बार फिर बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं होने के दावों को हवा दे दी है। प्रदेश की सत्ता में बीजेपी की चोर दरवाजे से हुई एंट्री के बाद से ही पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शीर्ष नेतृत्व से नाराज़ चल रहे हैं। प्रदेश में सरकार बनने के बाद मंत्री पदों पर सिंधिया समर्थकों को बैठा दिया गया। जिसके बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सवाल खड़े कर दिए। 

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पाटन से विधायक अजय विष्णु लगातार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी नीतियों पर सवाल खड़ा करते रहते हैं। खुद कुसुम महदेले का बीते विधानसभा चुनावों के दौरान टिकट काट दिया गया था। मेहदेले की जगह पर पार्टी ने बृजेंद्र प्रताप सिंह को टिकट दे दिया था। उस दौरान भी कुसुम महदेले ने टिकट काटे जाने को लेकर अपनी नाराज़गी जाहिर की थी।