बंद हो चुके भूमि विकास बैंक से किसानों की बंधक जमीन तत्काल मुक्त कराए सरकार: दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऐसे किसान, जिन्होंने बैंक का ऋण अथवा समझौते के तहत निर्धारित राशि जमा कर दी है, उनकी भूमि का बंधक अब तक समाप्त नहीं किया जाना गंभीर समस्या है।

Updated: Aug 20, 2026, 07:30 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर परिसमापनाधीन/बंद मध्य प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (भूमि विकास बैंक) से संबंधित किसानों की बंधक भूमि को शीघ्र मुक्त कराने की मांग की है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित पत्र में पूर्व सदस्य, कृषि सलाहकार परिषद, मध्य प्रदेश केदार सिरोही द्वारा इस संबंध में प्रेषित ईमेल का उल्लेख करते हुए कहा है कि भूमि विकास बैंक के बंद अथवा परिसमापनाधीन होने के बावजूद प्रदेश के अनेक किसानों की भूमि आज भी राजस्व अभिलेखों में बैंक के पक्ष में बंधक दर्ज है।

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ऐसे किसान, जिन्होंने बैंक का ऋण अथवा समझौते के तहत निर्धारित राशि जमा कर दी है, उनकी भूमि का बंधक अब तक समाप्त नहीं किया जाना गंभीर समस्या है। इसके कारण किसानों को अपनी ही भूमि के विक्रय, नामांतरण, विभाजन सहित अन्य आवश्यक राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऋण का भुगतान कर चुके किसानों की भूमि को वर्षों तक बंधक बनाए रखना उचित नहीं है। इससे किसानों के भूमि संबंधी अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले में सहकारिता एवं राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं तथा पात्र किसानों की भूमि को शीघ्र बंधक-मुक्त कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

सिंह ने यह भी मांग की है कि बंधक समाप्त होने के बाद राजस्व अभिलेखों के साथ-साथ MP Bhuabhilekh पोर्टल पर भी आवश्यक संशोधन तत्काल कराया जाए, ताकि किसानों को भविष्य में भूमि के क्रय-विक्रय, नामांतरण, विभाजन अथवा अन्य कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने राज्य सरकार से इस विषय को प्राथमिकता के आधार पर लेकर प्रदेशभर में लंबित ऐसे सभी मामलों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।